जबलपुर के कैंट इलाके में Punjab National Bank की शाखा से जुड़ा ऐसा फर्जीवाड़ा सामने आया है जिसने बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां कुछ कर्मचारियों और ग्राहकों की मिलीभगत से नकली सोना गिरवी रखकर करीब 43 लाख रुपये का गोल्ड लोन उठा लिया गया।
कैसे हुआ पूरा फर्जीवाड़ा
मामले में गोल्ड वैल्यूअर की भूमिका निभाने वाले दो ज्वेलर्स पर आरोप है कि उन्होंने 13 ग्राहकों के साथ मिलकर नकली आभूषण बैंक में गिरवी रखवाए। इन आभूषणों के आधार पर अलग अलग लोगों को लाखों रुपये का लोन जारी किया गया। बाद में जब ग्राहक किस्त जमा नहीं कर पाए तो बैंक ने जांच कराई और असलियत सामने आ गई।
जांच में खुली बड़ी सच्चाई
बैंक द्वारा कराई गई स्वतंत्र जांच में पता चला कि गिरवी रखे गए जेवर असली सोना नहीं थे। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की और कैंट थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी।
कितने लोगों को मिला लोन
इस पूरे मामले में अलग अलग ग्राहकों को दो लाख से लेकर चार लाख रुपये तक का लोन दिया गया था। कुल राशि ब्याज सहित 43 लाख रुपये से अधिक पहुंच गई थी।
अब पुलिस जांच के घेरे में कई लोग
फिलहाल पुलिस बैंक के कुछ कर्मचारियों, वैल्यूअर और संबंधित ग्राहकों की भूमिका की जांच कर रही है। शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह एक सुनियोजित गिरोह की तरह काम किया गया था, जिसमें बैंकिंग प्रक्रिया की कमजोरियों का फायदा उठाया गया।
