भोपाल। दृढ़ संकल्प, साहस और सपनों को साकार करने की मिसाल पेश करते हुए मध्य प्रदेश पुलिस की इंस्पेक्टर दीपिका गौतम ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अफ्रीका की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट किलिमंजारो को सफलतापूर्वक फतह कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस उपलब्धि के साथ वह मध्य प्रदेश पुलिस की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं, जिन्होंने इस विश्व प्रसिद्ध पर्वत की चोटी तक पहुंचने में सफलता हासिल की है।
करीब 5895 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचकर हासिल की सफलता
भोपाल स्थित एससीआरबी पीएचक्यू में पदस्थ इंस्पेक्टर दीपिका गौतम ने 29 मई को लगभग 5895 मीटर ऊंची माउंट किलिमंजारो की चोटी पर पहुंचकर यह गौरवपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की। इस अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण अभियान की एक और खास बात यह रही कि वह भारत की ओर से अकेली प्रतिभागी थीं।
जिम्मेदारियों के बीच भी जिंदा रखा अपने सपनों को
अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपिका गौतम ने कहा कि अक्सर लोग नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते अपने सपनों को पीछे छोड़ देते हैं, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उनका मानना है कि सपने जीवन को दिशा देते हैं और उन्हें पूरा करने का साहस ही व्यक्ति को असाधारण उपलब्धियों तक पहुंचाता है।उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे तो कोई भी चुनौती उसे आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।
माइनस तापमान और कठिन मौसम के बीच पूरी की चढ़ाई
दीपिका ने बताया कि माउंट किलिमंजारो की चढ़ाई बेहद चुनौतीपूर्ण रही। तीन बेस कैंप पार करने के बाद अंतिम चरण की चढ़ाई रात में शुरू हुई। इस दौरान तापमान माइनस 10 से 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।इसके अलावा मौसम लगातार बदल रहा था, जिससे हर कदम पर नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार शिखर तक पहुंचने में सफल रहीं।
पहला अंतरराष्ट्रीय अभियान, लेकिन अनुभव रहा मजबूत
दीपिका गौतम का यह पहला अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण अभियान था। हालांकि इससे पहले वह कई बार अमरनाथ और केदारनाथ जैसे कठिन धार्मिक ट्रेक पूरे कर चुकी हैं। इन अभियानों से मिले अनुभव ने उन्हें बड़े लक्ष्य हासिल करने का आत्मविश्वास दिया।उन्होंने खुद को मल्टीटास्किंग व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि वह जीवन में हमेशा नई चुनौतियों को स्वीकार करने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में विश्वास रखती हैं।
अब नजर अगले बड़े मिशन पर
किलिमंजारो फतह करने के बाद दीपिका गौतम का आत्मविश्वास और मनोबल दोनों बढ़े हैं। उन्होंने संकेत दिए हैं कि उनका अगला लक्ष्य भी तय हो चुका है। हालांकि उन्होंने अभी उस अभियान का खुलासा नहीं किया है, लेकिन संभावना जताई है कि अगले वर्ष वह विदेश में एक और बड़े पर्वतारोहण अभियान का हिस्सा बन सकती हैं।
युवाओं और महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
दीपिका गौतम की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उन सभी महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों और जिम्मेदारियों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और मेहनत के दम पर दुनिया की सबसे कठिन चुनौतियों को भी पार किया जा सकता है।
