सतना : एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां संपत्ति हड़पने के लिए एक भतीजे ने अपने ही चाचा को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित करा दिया, जबकि असलियत में वे पूरी तरह जीवित हैं।
जीवित व्यक्ति को कागजों में ‘मृत’ दिखाकर जमीन पर कब्जे की कोशिश
पीड़ित ईश्वरदीन सोनी, जो रेलवे से सेवानिवृत्त हैं, सतना में अपने परिवार के साथ रहते हैं। आरोप है कि उनके ही भतीजे रामकरण सोनी ने संपत्ति पर कब्जा करने के लिए सुनियोजित तरीके से उन्हें मृत घोषित करा दिया।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले में सरकारी दस्तावेजों के साथ स्थानीय स्तर पर भी प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए।
मृत्यु प्रमाण पत्र और रिकॉर्ड में बड़ा खेल
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में नगर निगम से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराया गया, जिसमें दावा किया गया कि ईश्वरदीन सोनी की मृत्यु लंबी बीमारी के कारण 18 जुलाई 2015 को हो चुकी थी।इसके आधार पर तहसील स्तर पर भी मृत्यु पंजीयन आदेश जारी हो गया और उन्हें रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया।
वार्ड पार्षद और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
मामले में यह भी सामने आया है कि स्थानीय वार्ड पार्षद द्वारा भी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया। साथ ही कई गवाहों के हस्ताक्षर भी दस्तावेजों में शामिल हैं, जिससे प्रक्रिया को वैध दिखाया जा सके।आरोप यह भी है कि इस पूरी प्रक्रिया में संबंधित विभागों की गंभीर लापरवाही और मिलीभगत शामिल रही।
पटवारी की भूमिका और जमीन का नामांतरण
जांच में सामने आया कि पटवारी प्रवीण सिंह ने रिपोर्ट तैयार कर ईश्वरदीन सोनी को मृत दिखाया और भतीजे को वारिस घोषित कर दिया। इसके बाद करोड़ों की जमीन भतीजे के नाम दर्ज हो गई।
सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब इसी जमीन को आगे चलकर कथित तौर पर पटवारी ने अपनी पत्नी के नाम भी खरीद लिया।
कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
प्रशासनिक सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी रिकॉर्ड, सत्यापन प्रक्रिया और जमीन नामांतरण व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के बाद ही साफ होगा कि इस पूरे फर्जीवाड़े में कौन-कौन जिम्मेदार हैं।
