मध्य प्रदेश : इंदौर शहर 9 से 13 जून तक एक बड़े वैश्विक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। यहां आयोजित होने वाला अंतरराष्ट्रीय BRICS कृषि सम्मेलन न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया की कृषि और खाद्य सुरक्षा नीतियों पर गहरा असर डाल सकता है। इस मंच पर लगभग 20 देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कृषि विशेषज्ञ एक साथ नजर आएंगे।
खाद्य सुरक्षा और नवाचार पर होगा सबसे बड़ा फोकस
इस सम्मेलन में खेती से जुड़े कई अहम और भविष्य निर्धारण करने वाले विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के उपाय
कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और नवाचार
जलवायु परिवर्तन से कृषि पर पड़ने वाले प्रभाव
कृषि व्यापार को बढ़ाने की रणनीति
छोटे और सीमांत किसानों को सशक्त बनाने के उपाय
इन सभी मुद्दों पर विशेषज्ञ अपनी राय और समाधान साझा करेंगे ताकि वैश्विक कृषि व्यवस्था को अधिक स्थिर और मजबूत बनाया जा सके।
BRICS देशों की भूमिका क्यों है सबसे अहम
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार BRICS समूह वैश्विक कृषि व्यवस्था में एक निर्णायक भूमिका निभा रहा है। दुनिया की बड़ी कृषि भूमि और खाद्य उत्पादन का बड़ा हिस्सा इन्हीं देशों के पास है। ऐसे में यह सम्मेलन भविष्य की कृषि नीतियों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
कृषि नीतियों में बदलाव की उम्मीद क्यों बढ़ी
बदलते मौसम, घटती उपजाऊ जमीन और बढ़ती खाद्य मांग के बीच यह सम्मेलन बेहद अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यहां होने वाली चर्चाएं आने वाले वर्षों में कृषि व्यापार और उत्पादन के वैश्विक मॉडल को प्रभावित कर सकती हैं।
इंदौर के लिए अंतरराष्ट्रीय पहचान का बड़ा अवसर
इस आयोजन से इंदौर को वैश्विक स्तर पर कृषि संवाद के प्रमुख केंद्र के रूप में नई पहचान मिलने की संभावना है। साथ ही भारत को भी कृषि नेतृत्व के क्षेत्र में अपनी भूमिका और मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
