भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर राजनीतिक मुकाबला अब और रोचक होता नजर आ रहा है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ने अपने उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं, जिसके बाद चुनावी गणित और राजनीतिक रणनीतियों पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
भाजपा के उम्मीदवार उतरते ही बदला चुनावी समीकरण
राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए भाजपा ने महेश केवट को उम्मीदवार घोषित कर कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के सामने खड़ा कर दिया है। इस फैसले के बाद मुकाबला सीधा और दिलचस्प हो गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तीसरी सीट पर दोनों दलों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिल सकता है।
विधायकों को लेकर कांग्रेस ने शुरू की रणनीतिक तैयारी
चुनाव को देखते हुए कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखने और किसी भी तरह की राजनीतिक उठापटक से बचने के लिए सक्रिय हो गई है। पार्टी के भीतर विधायकों के प्रबंधन और समन्वय को लेकर लगातार बैठकें हो रही हैं।
आरिफ मसूद और कुणाल चौधरी दिल्ली रवाना
इसी बीच कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। उनके साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी भी राजधानी पहुंचे हैं। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक पार्टी नेतृत्व आगामी रणनीति पर चर्चा कर रहा है और विधायकों को लेकर विशेष योजना बनाई जा रही है।
तेलंगाना भेजे जा सकते हैं विधायक
सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि कांग्रेस अपने विधायकों को दूसरे राज्य में रखने की रणनीति पर विचार कर रही है। बताया जा रहा है कि आरिफ मसूद को विधायकों के समन्वय और प्रबंधन की जिम्मेदारी दी जा सकती है तथा कुछ विधायकों को तेलंगाना भेजे जाने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
तीसरी सीट पर सबकी नजर
राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों पूरी ताकत झोंकती नजर आ रही हैं। संख्या बल, रणनीति और संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गर्म हैं। आने वाले दिनों में यह चुनाव मध्य प्रदेश की राजनीति का सबसे चर्चित मुद्दा बना रह सकता है।
