मुरैना : देवलालपुरा हाई स्कूल में शासकीय कार्यों में देरी और अव्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य समय पर पूरे नहीं होने पर कलेक्टर लोकेश जांगिड़ ने प्रभारी प्राचार्य इंदौलिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली चर्चा के केंद्र में आ गई है।
छात्रों से जुड़े कई जरूरी काम बताए गए लंबित
जानकारी के मुताबिक विद्यालय में अपार आईडी निर्माण, यू-डाइस डेटा अपडेट, नामांकन प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक कार्य समय पर पूरे नहीं किए गए। इन कार्यों में देरी का असर सीधे विद्यार्थियों और अभिभावकों पर पड़ रहा है। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है।
शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, उठे सवाल
स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जिस अधिकारी के खिलाफ लगातार शिकायतें की जा रही थीं, उसके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आरोप यह भी है कि विद्यालय की जिम्मेदारी संभाल रहे कर्मचारी को विभागीय संरक्षण मिलता रहा, जिससे समस्याएं बढ़ती गईं।
विद्यालय की व्यवस्था पर गंभीर आरोप
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि स्कूल में शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं, जिससे अभिभावकों में भी नाराजगी है। उनका मानना है कि समय रहते कार्रवाई होती तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं बनती।
मनाली भ्रमण को लेकर भी विवाद
मामले में यह आरोप भी लगाया गया है कि संबंधित कर्मचारी को विभागीय स्तर पर मनाली भ्रमण पर भेजा गया, जबकि स्कूल के कई जरूरी काम अधूरे पड़े हुए थे। इस आरोप के बाद जिला शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
नोटिस के बाद बढ़ी विभाग की मुश्किलें
कलेक्टर द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। शिक्षा विभाग की कार्यशैली और निगरानी व्यवस्था को लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि अब तक विभाग की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
लोगों की मांग, हो निष्पक्ष जांच और तय हो जवाबदेही
स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही सामने आए, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए ताकि विद्यालय में शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था फिर से पटरी पर लौट सके।
अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर
कलेक्टर की सख्ती के बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बन गया है। अब देखने वाली बात होगी कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और शिक्षा विभाग इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है। विद्यार्थियों और अभिभावकों को उम्मीद है कि जल्द ही समस्याओं का समाधान होगा और स्कूल की व्यवस्थाएं बेहतर बनेंगी।
