मंदसौर में बड़ा खुलासा, स्कूल की आड़ में अवैध मदरसा संचालन का मामला उजागर

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मंदसौरः मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के बादाखेड़ी गांव में उस समय बड़ा मामला सामने आया जब मध्य प्रदेश बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा ने अचानक स्कूल का निरीक्षण किया। तीन दिवसीय दौरे के दौरान की गई इस जांच में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं।

स्कूल की जगह चल रहा था मदरसा और हॉस्टल संचालन

निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि मोइनिया एजुकेशन सोसायटी के नाम पर स्कूल की आड़ में कथित रूप से मदरसा और हॉस्टल का संचालन किया जा रहा था। आयोग की अध्यक्ष के अनुसार यहां केवल छात्राओं को ही शिक्षा दी जा रही थी, जबकि मान्यता छात्र और छात्रा दोनों के लिए थी।

रिकॉर्ड में गड़बड़ी, बच्चों की संख्या में बड़ा अंतर

जांच में यह भी पाया गया कि मौके पर बच्चों की संख्या रिकॉर्ड से कहीं अधिक थी। स्कॉलर रजिस्टर में 76 छात्राओं का उल्लेख था, जबकि सरकारी पोर्टल पर केवल 36 छात्राओं की जानकारी दर्ज थी। इसके अलावा परिसर से 100 से अधिक बच्चियों का सामान भी मिला, जिससे अनियमितता और गंभीर हो गई।

कक्षा संचालन और अनुमति को लेकर भी सवाल

बताया गया कि संस्था को केवल कक्षा 6 से 8 तक की अनुमति दी गई थी, लेकिन मौके पर कक्षा 1 से 12 तक की पढ़ाई से जुड़ी किताबें मिलीं। इससे स्पष्ट हुआ कि संस्था नियमों के विपरीत संचालन कर रही थी।

एफआईआर की अनुशंसा, शिक्षा विभाग की कार्रवाई के निर्देश

मामले को गंभीर मानते हुए बाल संरक्षण आयोग ने शिक्षा विभाग को एफआईआर दर्ज करने की अनुशंसा की है। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी ने भी माना नियमों का उल्लंघन

जिला शिक्षा अधिकारी टेरेसा मिंज ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि संस्था बिना सूचना और नियमों के विरुद्ध संचालन कर रही थी, जिसमें हॉस्टल की अनुमति भी शामिल नहीं थी। विभाग ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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