मुंबई: कीमती धातुओं के बाजार में एक बार फिर जबरदस्त हलचल देखने को मिली है. सोना और चांदी दोनों ने ऐसी रफ्तार पकड़ी है कि जहां निवेशकों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं आम खरीदारों के लिए बजट संभालना मुश्किल होता दिख रहा है. शादी और त्योहारों के सीजन से पहले आई इस तेजी ने बाजार की दिशा ही बदल दी है.
सोने ने लगाया जोरदार झटका, एक ही दिन में 1050 रुपये की छलांग
सोने की कीमतों में मंगलवार को तेज उछाल दर्ज किया गया. 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना 1050 रुपये बढ़कर 1 लाख 61 हजार 450 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया. इससे पहले यह 1 लाख 60 हजार 400 रुपये पर बंद हुआ था.यह बढ़त सिर्फ आंकड़ा नहीं बल्कि इस बात का संकेत है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक अभी भी सोने को सबसे सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं. बाजार में भरोसे की तलाश ने सोने की चमक और बढ़ा दी है.
चांदी ने भी दिखाई रफ्तार, निवेशकों को मिला मजबूत रिटर्न संकेत
सोने के साथ-साथ चांदी ने भी बाजार में अपनी चमक और तेज कर दी. चांदी की कीमतों में 1300 रुपये की तेजी दर्ज की गई और यह 2 लाख 71 हजार रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई.पिछले कारोबारी सत्र में यह 2 लाख 69 हजार 700 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी. लगातार बढ़त यह दिखाती है कि औद्योगिक मांग और वैश्विक निवेश दोनों ही चांदी को मजबूत सपोर्ट दे रहे हैं.
वैश्विक बाजार ने खोला तेजी का रास्ता, डॉलर की कमजोरी बना बड़ा कारण
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी दोनों में मजबूती देखी गई. सोना करीब 1 प्रतिशत बढ़कर 4528.75 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जबकि चांदी ने लगभग 2 प्रतिशत की छलांग लगाकर 76.29 डॉलर प्रति औंस का स्तर छू लिया.अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता ने इन धातुओं को मजबूती दी है, जिससे भारतीय बाजार में भी सीधा असर देखने को मिला.
निवेशकों की नजर बड़ी तस्वीर पर, कीमतें अभी भी दायरे में घूमती हुई
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार सोना फिलहाल 4500 डॉलर के अहम स्तर के ऊपर बना हुआ है. हालांकि निवेशक अभी भी अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक भू राजनीतिक हालातों पर नजर बनाए हुए हैं.इसी वजह से बाजार में बड़ी और तेज एकतरफा चाल नहीं दिख रही, बल्कि कीमतें एक सीमित दायरे में उतार चढ़ाव कर रही हैं.
कच्चे तेल और डॉलर की चाल ने बदली पूरी तस्वीर
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और डॉलर इंडेक्स में कमजोरी ने सोने और चांदी को अतिरिक्त समर्थन दिया है. यही वजह है कि हाल की गिरावट के बाद दोनों धातुओं ने मजबूत वापसी दर्ज की है.
कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय संकेतों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कीमती धातुओं की दिशा वैश्विक घटनाओं से तय होती है और यही वजह है कि बाजार में यह तेज रिकवरी देखने को मिली है.
