मध्यप्रदेश : हाईकोर्ट को नया कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। जस्टिस विवेक रूसिया को हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय ने उनकी नियुक्ति संबंधी आदेश जारी कर दिए हैं। यह जिम्मेदारी उन्हें मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव सचदेवा के सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त होने के बाद सौंपी गई है।
जबलपुर से है जस्टिस विवेक रूसिया का संबंध
जस्टिस विवेक रूसिया का जन्म 2 अगस्त 1969 को जबलपुर में हुआ था। उन्होंने विज्ञान स्नातक और विधि स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। 8 अगस्त 1992 को मध्यप्रदेश राज्य बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में उनका पंजीयन हुआ था।
उनके पिता स्वर्गीय प्रभाकर रूसिया मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रहे हैं। उन्होंने अपने विधिक करियर की शुरुआत वरिष्ठ अधिवक्ता पी. सदाशिवन नायर, इंदिरा नायर और राजेंद्र मेनन के मार्गदर्शन में सहयोगी अधिवक्ता के रूप में की थी।
1998 में शुरू की स्वतंत्र वकालत
वर्ष 1998 में जस्टिस रूसिया ने स्वतंत्र रूप से वकालत शुरू की। इसके बाद वे कोल इंडिया लिमिटेड, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड समेत कई सार्वजनिक उपक्रमों और सरकारी संस्थानों के अधिवक्ता पैनल में शामिल हुए।
इसके अलावा उन्होंने विद्युत वितरण कंपनियों, आवास एवं अधोसंरचना विकास मंडल, लघु उद्योग निगम, जबलपुर विकास प्राधिकरण और विभिन्न स्थानीय निकायों के मामलों में भी कानूनी सेवाएं दीं।
भारत सरकार के स्थायी अधिवक्ता भी रहे
जस्टिस विवेक रूसिया को जबलपुर स्थित मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में भारत सरकार की ओर से मामलों की पैरवी के लिए तीन वर्ष के लिए स्थायी अधिवक्ता नियुक्त किया गया था। वे हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन, जबलपुर के संयुक्त सचिव भी रह चुके हैं। साथ ही वे हाईकोर्ट और जिला बार एसोसिएशन के आजीवन सदस्य रहे हैं।
2016 में बने हाईकोर्ट के न्यायाधीश
जस्टिस विवेक रूसिया को 7 अप्रैल 2016 को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इसके बाद 17 मार्च 2018 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश का दर्जा मिला। अब उन्हें कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
न्यायिक क्षेत्र में लंबा अनुभव
करीब तीन दशक से अधिक के विधिक और न्यायिक अनुभव के साथ जस्टिस विवेक रूसिया को मध्यप्रदेश न्यायपालिका का अनुभवी चेहरा माना जाता है। उनकी नियुक्ति से हाईकोर्ट के प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
