सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज, बढ़ती श्रद्धालु संख्या को संभालने के लिए बनेगा नया मास्टर प्लान

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उज्जैन। मध्य प्रदेश सरकार ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को गति देना शुरू कर दिया है। आगामी महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संभावित रिकॉर्ड संख्या को देखते हुए प्रशासन व्यापक रणनीति तैयार कर रहा है। इस बार केवल उज्जैन ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों को भी आयोजन से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी, ताकि भीड़ प्रबंधन बेहतर ढंग से किया जा सके।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या बनी बड़ी चुनौती

पिछले सिंहस्थ आयोजनों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या कहीं अधिक रहने का अनुमान है। ऐसे में सरकार का फोकस यातायात व्यवस्था, आवास, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर है। प्रशासन ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहता है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

आसपास के जिलों को मिलेगी अहम भूमिका

सिंहस्थ के दौरान उज्जैन पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए इंदौर, देवास, शाजापुर, धार और अन्य निकटवर्ती जिलों को भी योजना का हिस्सा बनाया जा रहा है। इन जिलों में पार्किंग, अस्थायी आवास, यात्री सुविधाएं और परिवहन प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जा सकती हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर रहेगा जोर

सरकार सड़क, पुल, पहुंच मार्ग, पेयजल व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति और स्वच्छता संबंधी परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रही है। सिंहस्थ से पहले कई नई परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा जा सकता है, जिससे आयोजन के दौरान सुचारु व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें।

सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की होगी विशेष तैयारी

करोड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को भी अत्याधुनिक बनाया जाएगा। भीड़ नियंत्रण, निगरानी तंत्र, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं और आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

धार्मिक आयोजन के साथ विकास को भी मिलेगा बढ़ावा

सिंहस्थ 2028 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश के पर्यटन, व्यापार और बुनियादी ढांचे के विकास का भी बड़ा अवसर माना जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि आयोजन के लिए तैयार की जाने वाली सुविधाएं भविष्य में भी क्षेत्र के विकास में उपयोगी साबित हों।

जल्द सामने आ सकती है विस्तृत कार्ययोजना

प्रशासनिक स्तर पर विभिन्न विभागों से सुझाव लिए जा रहे हैं और चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की जा रही है। आने वाले समय में सिंहस्थ 2028 को लेकर विस्तृत ब्लूप्रिंट सार्वजनिक किए जाने की संभावना है, जिसमें विभिन्न जिलों की जिम्मेदारियां और विकास परियोजनाओं का पूरा खाका सामने आएगा।

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