नौतपा में बदला मौसम का मिजाज: मध्यप्रदेश के 20 से अधिक जिलों में बारिश, कई इलाकों में आंधी और ओलों का अलर्ट

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भोपाल। नौतपा के दौरान मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शनिवार देर रात प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का दौर देखने को मिला। राजधानी भोपाल समेत 20 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।भोपाल में देर रात बूंदाबांदी हुई, जबकि कई क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने के कारण बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। कुछ स्थानों पर रात तीन बजे तक आंधी का असर बना रहा।

आज भी आंधी और बारिश के आसार

मौसम विभाग ने रविवार को भी प्रदेश के अनेक जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही बारिश और ओलावृष्टि की भी संभावना बनी हुई है।

8 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर मालवा, छतरपुर, कटनी, मैहर, उमरिया और शहडोल सहित कई जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।इसके अलावा प्रदेश के शेष जिलों में भी गरज-चमक, तेज हवा और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

गर्मी से मिली बड़ी राहत

मौसम में आए बदलाव का सबसे बड़ा असर तापमान पर देखने को मिला है। प्रदेश के किसी भी जिले में लू का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। मई महीने में पहली बार ऐसी स्थिति बनी है, जब पूरे प्रदेश में लू की चेतावनी नहीं है।मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि सक्रिय प्री मानसून गतिविधियों और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ स्वरूप देखने को मिल रहा है।

अगले कुछ दिनों तक बने रह सकते हैं ऐसे हालात

विशेषज्ञों के अनुसार आगामी दिनों में भी मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बादल, तेज हवा, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इससे तापमान नियंत्रित रहेगा और लोगों को फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिलती रहेगी।

प्रशासन ने जारी की सावधानी की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े न होने की अपील की है। किसानों को भी अपनी फसल और कृषि उपकरण सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है, ताकि तेज हवा और ओलावृष्टि से नुकसान से बचा जा सके।

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