इंदौर : पानी की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बढ़ते जल संकट और दूषित पानी के आरोपों के बीच कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है, जिससे पूरा मामला और गरमा गया है।
दो सौ नब्बे पृष्ठों की रिपोर्ट से मचा हड़कंप
जीतू पटवारी ने इंदौर के पानी को लेकर दो सौ नब्बे पृष्ठों की एक विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की है। कांग्रेस का दावा है कि शहर के बीस से अधिक वार्डों से लिए गए पानी के नमूनों में खतरनाक जीवाणु पाए गए हैं।रिपोर्ट में कई स्थानों के पानी को सीधे तौर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया गया है, जिससे शहर में चिंता बढ़ गई है।
वाटर ऑडिट की मांग, जांच की मांग तेज
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि दूषित पानी के कारण शहर में गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा है। पार्टी ने पूरे शहर का जल लेखा परीक्षण कराने की मांग की है जीतू पटवारी ने सरकार से अपील की है कि इंदौर के पानी की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच तुरंत कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
सिस्टम को खुली चुनौती, बयान से बढ़ा विवाद
जीतू पटवारी ने कहा कि यदि उनकी रिपोर्ट गलत साबित होती है तो उन्हें सीधे न्यायालय में चुनौती दी जाए। उन्होंने यह बयान देकर प्रशासन और राजनीतिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जनप्रतिनिधियों को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
कांग्रेस की ओर से शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे को निर्देश दिए गए हैं कि यह रिपोर्ट नगर निगम आयुक्त, महापौर, संभाग आयुक्त, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों को सौंपी जाए, ताकि सभी स्तर पर इस मुद्दे पर जवाबदेही तय हो सके।
जल आपूर्ति व्यवस्था पर भी सवाल
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि करोड़ों रुपये की योजनाओं के बावजूद शहर के लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पा रहा है। पाइपलाइन और जल आपूर्ति व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिससे प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
