ओंकारेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं और कर्मचारियों के बीच विवाद, प्रतिबंधित रास्ते से प्रवेश को लेकर बढ़ा हंगामा

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खंडवा: मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग नगरी ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। मंदिर परिसर में झूला पुल मार्ग से प्रवेश को लेकर श्रद्धालुओं और मंदिर कर्मचारियों के बीच कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई।घटना के बाद मंदिर परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रतिबंधित मार्ग से जबरन प्रवेश की कोशिश

जानकारी के मुताबिक इन दिनों मंदिर परिसर में सुखदेव मुनि द्वार के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। इसी वजह से झूला पुल मार्ग को आम श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी रूप से बंद किया गया है।बताया जा रहा है कि कुछ श्रद्धालु प्रतिबंधित रास्ते से मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया।

धक्का-मुक्की में कर्मचारी गिरा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बहस के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी दौरान एक मंदिर कर्मचारी काउंटर पर गिर पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही अन्य कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।हालांकि बाद में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।

भीड़ नियंत्रण के लिए बनाए गए अलग रास्ते

मंदिर प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए अलग-अलग मार्ग तय किए गए हैं।प्रशासन के अनुसार ओंकारेश्वर मंदिर का गर्भगृह छोटा है, इसलिए भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकासी के अलग रास्ते बनाए गए हैं, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न फैले।

कर्मचारियों से मारपीट और अभद्रता का आरोप

मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक ट्रस्टी राव पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि कुछ बाहरी श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की गई।उन्होंने कहा कि विवाद बढ़ने पर अन्य कर्मचारी बचाव के लिए मौके पर पहुंचे थे।

ट्रस्टी ने बताया कि मंदिर कर्मचारियों को पहले से ही श्रद्धालुओं के साथ संयम और नरमी से व्यवहार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए अतिरिक्त दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।

दर्शन व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट

घटना के बाद मंदिर प्रशासन अब सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में जुट गया है, ताकि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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