नई दिल्ली। देशभर में इन दिनों भीषण गर्मी और लू का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य भारत के कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। तेज गर्म हवाओं और बढ़ती उमस के बीच हीटवेव के मामलों में भी तेजी देखी जा रही है।ऐसे में लोगों के मन में एक बड़ा सवाल उठ रहा है कि अगर किसी व्यक्ति को लू लग जाए या हीट स्ट्रोक की वजह से उसकी हालत गंभीर हो जाए, तो क्या उसका इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत कराया जा सकता है?
गंभीर हीट स्ट्रोक का इलाज आयुष्मान योजना में संभव
जानकारों के मुताबिक यदि किसी व्यक्ति की हालत लू लगने या हीट स्ट्रोक की वजह से गंभीर हो जाती है और उसे अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ती है, तो उसका इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत कराया जा सकता है।हालांकि यह सुविधा तभी मिलती है, जब मरीज की स्थिति गंभीर हो और अस्पताल में एडमिट करना जरूरी हो।
किन परिस्थितियों में मिलता है इलाज का लाभ
सामान्य तौर पर हीटवेव के मरीजों को डिहाइड्रेशन, शरीर में पानी और नमक की कमी, बेहोशी, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, किडनी पर असर या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के आधार पर भर्ती किया जाता है।ऐसी गंभीर स्थितियों में इलाज का खर्च आयुष्मान भारत योजना के तहत कवर हो सकता है।अगर मरीज को ड्रिप लगानी पड़े, ऑक्सीजन की जरूरत हो या ICU में भर्ती करना पड़े, तब भी योजना का लाभ मिल सकता है।
हर अस्पताल में नहीं होता अलग ‘हीटवेव पैकेज’
विशेषज्ञों का कहना है कि जरूरी नहीं है कि हर अस्पताल में ‘हीटवेव’ या ‘लू’ के नाम से अलग पैकेज मौजूद होअस्पताल मरीज की वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति और बीमारी की गंभीरता के आधार पर इलाज करता है। इसी आधार पर आयुष्मान योजना के तहत पैकेज लागू किया जाता है।
ओपीडी में नहीं मिलता योजना का लाभ
यह जानना भी जरूरी है कि आयुष्मान भारत योजना का लाभ केवल भर्ती मरीजों को मिलता है।सामान्य बुखार, हल्की कमजोरी, सर्दी-जुकाम या केवल ओपीडी परामर्श के लिए योजना लागू नहीं होती। लेकिन गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती होने पर इलाज का खर्च योजना के तहत कवर किया जा सकता है।
कहां करवा सकते हैं इलाज
मरीज अपने नजदीकी आयुष्मान भारत योजना से जुड़े सरकारी या निजी अस्पताल में जाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।इसके लिए मरीज के पास वैध आयुष्मान कार्ड होना जरूरी है।
कैसे पता करें कौन सा अस्पताल योजना में शामिल है
अपने आसपास योजना से जुड़े अस्पतालों की जानकारी के लिए आयुष्मान भारत के ‘Find Hospitals’ पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहां राज्य, जिला और अस्पताल की जानकारी आसानी से मिल जाती है।
गर्मी में इन बातों का रखें खास ध्यान
- दोपहर में धूप में निकलने से बचें
- ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं
- ORS और तरल पदार्थ का सेवन करें
- हल्के और सूती कपड़े पहनें
- बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर सावधानी और सही इलाज से हीटवेव से होने वाले गंभीर खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
