Kanker : उस समय गंभीर तनाव की स्थिति बन गई जब 16 युवतियों के परिजन कलेक्ट्रेट पहुंचे। इन परिवारों का आरोप है कि उनकी बेटियों को नौकरी दिलाने के नाम पर झारखंड ले जाया गया और अब उन्हें वापस आने नहीं दिया जा रहा है। परिजनों की आंखों में चिंता और चेहरे पर बेबसी साफ नजर आ रही थी।
कलेक्टर से लगाई गई सीधी गुहार, तुरंत रेस्क्यू की मांग
परिजनों ने श्रम विभाग के माध्यम से कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए मांग की कि इस पूरे मामले की तत्काल जांच हो और विशेष टीम गठित की जाए। उनका कहना है कि कई दिनों से बेटियों से संपर्क टूट चुका है, जिससे परिवारों में भय और अनिश्चितता का माहौल गहरा गया है।
कैसे खुला पूरा मामला, एक संदेश ने बदल दी तस्वीर
मामले की शुरुआत तब हुई जब दुर्गूकोंदल क्षेत्र की एक युवती ने गुप्त रूप से संदेश भेजकर मदद मांगी। युवती ने बताया कि नौकरी का लालच देकर उन्हें झारखंड ले जाया गया, जहां अब उन्हें जबरन काम कराया जा रहा है और घर लौटने से रोका जा रहा है। इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और संदेश सामने आए, जिनमें युवतियां मदद की गुहार लगाती दिखीं।
झारखंड के गढ़वा क्षेत्र में बंधक बनाए जाने का शक, बड़ा नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका
सूत्रों के अनुसार मामला Jharkhand के गढ़वा क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां कुछ निजी स्थानों पर युवतियों से काम कराया जा रहा था। आशंका है कि यह एक संगठित मानव तस्करी नेटवर्क हो सकता है, जो गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों की युवतियों को निशाना बनाता है।
बस्तर से झारखंड तक फैला शक, 35 से ज्यादा युवतियों के फंसे होने का दावा
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि केवल कांकेर ही नहीं, बल्कि पूरे Chhattisgarh के अलग अलग जिलों की लगभग 35 युवतियां इस तरह के नेटवर्क में फंसी हो सकती हैं। यह संख्या और भी अधिक होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।
बेरोजगारी का दर्द या तस्करी का जाल, युवाओं की मजबूरी बन रही सबसे बड़ी कमजोरी
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की कमी के कारण युवा बेहतर नौकरी की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर जाते हैं। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर कथित दलाल उन्हें आकर्षक वेतन और नौकरी का झांसा देकर बाहर ले जाते हैं, जहां बाद में उनका शोषण किया जाता है। यह स्थिति अब एक गंभीर सामाजिक संकट के रूप में सामने आ रही है।
प्रशासन सक्रिय, झारखंड प्रशासन से संपर्क और रेस्क्यू की तैयारी
मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार युवतियों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। संपर्क होते ही विशेष टीम को Jharkhand भेजकर रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा।
परिवारों की उम्मीद और बढ़ता आक्रोश, बेटियों की सुरक्षित वापसी का इंतजार
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था, ग्रामीण जागरूकता और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल परिजन अपनी बेटियों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए प्रशासन की कार्रवाई पर नजर टिकाए हुए हैं, जबकि पूरे क्षेत्र में आक्रोश और चिंता का माहौल बना हुआ है।
