जबलपुर क्रूज हादसा: पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख, पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान

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मध्य प्रदेश : जबलपुर में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने कहा कि इस हादसे में जानमाल की हानि बेहद दुखद है और जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके दुख में पूरा देश साथ खड़ा है।

पीएम का बड़ा ऐलान: मृतकों के परिजनों को 2 लाख, घायलों को आर्थिक सहायता

प्रधानमंत्री ने राहत के तौर पर मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये देने की घोषणा की है। इसके साथ ही हादसे में घायल लोगों के इलाज के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। पीएम ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि प्रशासन हर संभव मदद में जुटा हुआ है।

बरगी डैम बना हादसे का केंद्र, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

यह हादसा बरगी डैम में हुआ, जहां क्रूज पलटने से कई लोग नदी में समा गए। जानकारी के अनुसार क्रूज में कुल 43 लोग सवार थे। राहत और बचाव दल ने अब तक 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जबकि 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। अभी भी 6 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है।

लापरवाही पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज

हादसे के बाद प्रशासनिक लापरवाही को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि पहले से ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा क्रूज संचालन पर रोक की बात सामने आई थी, तो फिर यह संचालन कैसे जारी रहा।

सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल, क्या टल सकता था हादसा

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि मौसम विभाग द्वारा अलर्ट जारी किए जाने के बावजूद क्रूज को क्यों चलाया गया। साथ ही यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट की उपलब्धता नहीं होना भी बड़ी चूक मानी जा रही है। इन सभी बिंदुओं ने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बढ़ता दबाव: अब जवाबदेही तय करने की मांग

जबलपुर क्रूज हादसे ने प्रशासनिक तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी है। अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर यह मांग तेज हो रही है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।

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