वेदांता प्लांट हादसे पर सियासत तेज…जनता कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल

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रायपुर : से सामने आई प्रतिक्रिया में जनता कांग्रेस ने सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट हादसे को बेहद दुखद और चिंताजनक बताया है। पार्टी का कहना है कि यह केवल एक सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और मुनाफे की सोच का परिणाम प्रतीत होता है।

अमित जोगी का तीखा बयान, प्रबंधन स्तर पर जिम्मेदारी तय करने की मांग
पार्टी अध्यक्ष अमित जोगी ने स्पष्ट कहा कि मामले को केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित करना उचित नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि जिम्मेदारी उन उच्च स्तर के अधिकारियों तक तय की जाए, जो बड़े स्तर पर संचालन से जुड़े फैसले लेते हैं, चाहे वे देश में हों या विदेश में।

हाईकोर्ट जज से जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
अमित जोगी ने इस पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से कराने की मांग रखी है। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी आपराधिक धाराओं में कार्रवाई करने की बात कही है।
उन्होंने मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये और घायलों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी की है।

कंपनी के मुआवजे को बताया अपर्याप्त
पार्टी ने कंपनी द्वारा घोषित 35 लाख रुपये और नौकरी के प्रस्ताव को नाकाफी बताया है। अमित जोगी का कहना है कि किसी भी कीमत पर मानव जीवन का मूल्य इससे कहीं अधिक है और पीड़ित परिवारों को उचित न्याय मिलना चाहिए।

7 सदस्यीय जांच समिति का गठन, जमीनी हकीकत की होगी जांच
घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए जनता कांग्रेस ने 7 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। यह समिति मौके पर जाकर हादसे के कारणों, सुरक्षा इंतजामों और पीड़ितों को मिली सहायता का विस्तृत अध्ययन करेगी।

समिति में शामिल प्रमुख सदस्य
इस जांच समिति की जिम्मेदारी सुशील निर्मलकर को सौंपी गई है। उनके साथ संतोषी रात्रे, नवीन अग्रवाल, अर्जुन राठौर, प्रशांत त्रिपाठी, आशीष सुमेर और प्रिंकल दास को सदस्य बनाया गया है।

रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति
समिति द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। इस घटनाक्रम के बाद हादसे को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बहस और तेज होने की संभावना है।

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