दतिया, 03 अप्रैल 2026। मध्यप्रदेश की राजनीति में आज बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। दतिया से कांग्रेस के विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई है। देर रात विधानसभा सचिवालय ने आदेश जारी कर दतिया सीट को रिक्त घोषित किया।
अदालत का फैसला: 27 साल पुराने एफडी मामले में दोषी
नई दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने 2 अप्रैल 2026 को राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) हेराफेरी मामले में दोषी ठहराते हुए 3 साल का कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत का फैसला सुबह 11 बजे आया और दोपहर 12:41 बजे सार्वजनिक किया गया।
इसके बाद, शाम लगभग 10:30 बजे विधानसभा सचिवालय ने संविधान के अनुच्छेद 191(1)(e) और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8 के तहत उनकी सदस्यता समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया। आदेश में सर्वोच्च न्यायालय के 10 जुलाई 2013 के निर्देश का हवाला भी दिया गया।
मामला: एफडी हेराफेरी की पूरी कहानी
मामला 1999 का है, जब बैंक के चेयरमैन पप्पू पुजारी ने एफडी से जुड़े गड़बड़ी के आरोपों को सार्वजनिक किया। तत्कालीन संयुक्त रजिस्ट्रार अभय खरे ने जांच कर ऑडिट आपत्तियों को दर्ज किया।
2012 में, राजेंद्र भारती ने बैंक से एफडी की रकम जारी करने का अनुरोध किया, लेकिन बैंक ने लंबित ऑडिट आपत्तियों का हवाला देते हुए भुगतान से इनकार कर दिया। इसके बाद भारती ने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया, लेकिन राहत नहीं मिली। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, फिर भी कोई परिणाम नहीं निकला।
2015 में, राजेंद्र भारती ने तत्कालीन कलेक्टर प्रकाश चंद्र जांगड़े के पास आपराधिक कार्रवाई की मांग की। अदालत के निर्देश पर उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। बाद में यह केस ग्वालियर और अक्टूबर 2025 में दिल्ली MP-MLA कोर्ट में स्थानांतरित किया गया।
राजनीतिक हलचल और प्रतिक्रिया
सदस्यता समाप्त होने के बाद विधानसभा में राजनीतिक हलचल देखने को मिली। यह घटनाक्रम प्रदेश की राजनीति में बड़ा सियासी मोड़ माना जा रहा है और आने वाले दिनों में इसके प्रभाव पर बहस तेज होने की संभावना है।
