दिल्ली विधानसभा: आबकारी विभाग सुधार में लोक लेखा समिति की सिफारिशों पर समयबद्ध कार्रवाई अनिवार्य

4 Min Read

दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने ‘दिल्ली में शराब के विनियमन एवं आपूर्ति पर CAG की कार्यनिष्पादन ऑडिट रिपोर्ट’ पर लोक लेखा समिति (PAC) की दूसरी रिपोर्ट के सदन द्वारा अनुमोदित होने के बाद संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे समिति की सिफारिशों की विस्तृत समीक्षा करें और 31 दिसंबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार कार्यवाही प्रतिवेदन (Action Taken Report) तैयार करें। यह प्रतिवेदन अधिकतम 31 जनवरी 2027 तक सदन में प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

विधानसभा अध्यक्ष का निर्देश: समय पर और ठोस कार्रवाई

विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आबकारी व्यवस्था में मौजूद प्रणालीगत कमियों को देखते हुए समिति की सिफारिशों पर समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि आबकारी मंत्री और प्रधान सचिव (वित्त) को पत्र भेजकर इन निर्देशों की जानकारी दी गई है और उनसे समिति की सिफारिशों पर पूरी और समय पर प्रतिक्रिया देने को कहा गया है।

सिफारिशें केवल कागज तक सीमित न रहें

अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कार्यपालिका को सदन द्वारा स्वीकार किए गए निष्कर्षों पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर जवाब देना अनिवार्य है। इसका उद्देश्य है कि लोक लेखा समिति की सिफारिशें केवल कागज तक सीमित न रहें, बल्कि उन पर ठोस कार्रवाई हो और उनके परिणाम स्पष्ट दिखाई दें। यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रिपोर्ट में सामने आई खामियां

लोक लेखा समिति की रिपोर्ट में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली में कई गंभीर कमियां उजागर हुई हैं। इनमें शामिल हैं:

  • नियमों के पालन में लापरवाही
  • लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में गड़बड़ी
  • शराब की कीमत तय करने में मनमानी
  • गुणवत्ता जांच में कमी
  • कार्रवाई और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में कमजोरी

इन खामियों के चलते लगभग ₹2,026.91 करोड़ का राजस्व नुकसान हुआ। साथ ही जनस्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका भी जताई गई।

तकनीकी सिस्टम की कमजोरियां

रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि ESCIMS (Excise Supply Chain Information Management System) प्रणाली ‘स्टॉक टेक सोल्ड’ तरीके पर अधिक निर्भर रही, जिससे शराब की वास्तविक बिक्री का सही ट्रैक नहीं हो पाया। बिना बारकोड वाले स्टॉक और EIB (Excise Intelligence Branch) मॉड्यूल का निष्क्रिय उपयोग भी निगरानी को कमजोर करने वाला पाया गया।

समिति द्वारा सुझाए गए सुधार कदम

लोक लेखा समिति ने आबकारी व्यवस्था सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:

  • ई-अबकारी पोर्टल को जल्द लागू करना
  • मजबूत “ट्रैक एंड ट्रेस” सिस्टम विकसित करना
  • बारकोड स्कैनिंग और जियो-टैगिंग में सुधार
  • आईटी प्रणाली को आधुनिक और सशक्त बनाना
  • एग्जिट प्लान तैयार करना ताकि नीति बदलाव के दौरान अव्यवस्था न हो
  • लाइसेंस प्रक्रिया की सख्त जांच और नियमित निगरानी
  • आवश्यक दस्तावेजों की अनिवार्यता सुनिश्चित करना
  • कीमत तय करने की पारदर्शी व्यवस्था, न्यूनतम EDP तय करना
  • मुनाफे को नियंत्रित करना और पिछली गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय करना

पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की पहल

समिति ने जोर दिया कि डेटा आधारित सख्त कार्रवाई हो और पूरी आबकारी व्यवस्था में पारदर्शिता तथा दक्षता बढ़ाई जाए।

Share this Article