टेक्नोलॉजी सेक्टर में तेजी से बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर के बीच Oracle ने बड़े स्तर पर छंटनी कर सबको चौंका दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी ने करीब 30 हजार कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर दिया। इनमें लगभग 12 हजार कर्मचारी भारत से जुड़े बताए जा रहे हैं, जिससे देश में भी चिंता बढ़ गई है।
CEO का बयान बना विवाद की वजह
कंपनी के CEO अरविंद श्रीनिवास ने एक पॉडकास्ट में इस फैसले पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि AI की वजह से नौकरी गंवाने वाले लोगों को इसे केवल नुकसान के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि यह एक नया अवसर भी हो सकता है। उनके मुताबिक, AI लोगों को खुद का काम शुरू करने और नए इनकम सोर्स तलाशने में मदद करता है।
‘नौकरी गई तो रास्ते भी खुलेंगे’
CEO का मानना है कि शुरुआती झटका जरूर लगता है, लेकिन लंबे समय में यही बदलाव लोगों को ज्यादा स्वतंत्र बना सकता है। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारी पहले से ही अपनी नौकरी से खुश नहीं होते, ऐसे में यह बदलाव उनके लिए नई दिशा साबित हो सकता है।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
हालांकि, इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। कई यूजर्स का कहना है कि नौकरी खोना एक गंभीर स्थिति होती है और इसे अवसर बताना संवेदनशीलता की कमी को दर्शाता है। लोगों ने इसे जमीनी हकीकत से दूर बताया।
AI से रोजगार पर बढ़ता दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का असर जॉब मार्केट पर और गहरा होने वाला है। कई इंडस्ट्री एक्सपर्ट पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि ऑटोमेशन और AI के कारण पारंपरिक नौकरियों में कमी आ सकती है।
क्या करती है Oracle
Oracle एक वैश्विक टेक कंपनी है, जो डेटाबेस मैनेजमेंट, क्लाउड सर्विस और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर समाधान प्रदान करती है। दुनिया भर की बड़ी कंपनियां और संस्थान इसकी सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं।
बदलते दौर में नई स्किल ही सहारा
इस पूरे घटनाक्रम से एक बात साफ है कि तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी के समय में नई स्किल्स सीखना बेहद जरूरी हो गया है। आने वाले समय में वही लोग आगे रहेंगे, जो AI के साथ काम करने की क्षमता विकसित करेंगे और खुद को लगातार अपडेट रखते रहेंगे।
