सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कथित सामूहिक दुष्कर्म की शिकार एक महिला ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता का कहना है कि दो लोगों ने बंद गाड़ी में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, लेकिन जब वह शिकायत लेकर थाने पहुंची तो उसकी रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उसे थाने से भगा दिया गया.
घटना को 10 से 12 दिन बीत चुके हैं
महिला ने एसपी कार्यालय पहुंचकर बताया कि घटना को 10 से 12 दिन बीत चुके हैं, बावजूद इसके सिविल लाइन थाने में उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई. पीड़िता के अनुसार, थाना प्रभारी ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों से कहा कि “इस महिला को धक्के देकर थाने से बाहर निकाल दो, मैं इसकी शक्ल तक नहीं देखना चाहता.”
थाने से बाहर कर दिया
महिला का आरोप है कि इसके बाद कुछ पुलिसकर्मियों ने उसे थाने से बाहर कर दिया. पीड़िता ने एसपी से आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने और थाने में उसके साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. मामले को लेकर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
जमीनी विवाद बना खूनी संघर्ष
मुरैना से एक और खूनी संघर्ष की खबर सामने आई है. चंबल के बीहड़ों की शासकीय जमीन एक बार फिर से खूनी संघर्ष की वजह बन गई है. सबलगढ़ थाना क्षेत्र के रतियापुरा गांव में जमीन विवाद को लेकर हथियारबंद लोगों ने खेत पर काम कर रहे परिवार पर फायरिंग कर दी. इस हमले में जगदीश केवट की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति बाल-बाल बच गया. पुलि मामले की जांच में जुटी हुई है.
