भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 की नई स्थानांतरण नीति को मंजूरी देते हुए पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव शुरू कर दिया है। मोहन कैबिनेट की बैठक के बाद डीजीपी ने भोपाल और इंदौर पुलिस कमिश्नरों को तबादलों को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं।नई व्यवस्था के तहत लंबे समय से एक ही थाने में जमे अधिकारियों और कर्मचारियों को हटाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाना बताया जा रहा है।
1 से 5 जून के बीच जारी होंगे ट्रांसफर आदेश
डीजीपी द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि पुलिस विभाग में स्थानांतरण आदेश 1 जून से 5 जून के बीच जारी किए जाएं।इसके साथ ही सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 15 जून तक नई पदस्थापना वाले थानों में अनिवार्य रूप से ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए हैं।विभाग ने साफ कर दिया है कि तय समयसीमा का पालन नहीं करने पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
एक ही थाने में वर्षों से जमे कर्मचारियों पर कार्रवाई
नई नीति के तहत उन कर्मचारियों और अधिकारियों पर विशेष फोकस किया गया है, जो लंबे समय से एक ही थाने में पदस्थ हैं।डीजीपी ने अपने आदेश में कहा है कि किसी भी कर्मचारी की एक ही थाने में एक पद पर अधिकतम पदस्थापना अवधि 4 वर्ष होगी। विशेष परिस्थितियों में इसे बढ़ाकर अधिकतम 5 वर्ष तक किया जा सकेगा।इसके बाद संबंधित कर्मचारी को उसी थाने में दोबारा पदस्थ नहीं किया जाएगा।
दोबारा पोस्टिंग से पहले 3 साल का अंतर जरूरी
नई गाइडलाइन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी कर्मचारी को दोबारा उसी थाने में पदस्थ करना हो तो कम से कम 3 वर्ष का अंतराल अनिवार्य होगा।सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर बनने वाले प्रभाव और नेटवर्क को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
2025 के तबादलों का बताया गया सकारात्मक असर
डीजीपी ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि वर्ष 2025 में लंबे समय से एक ही थाने में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला था।इसी अनुभव को आधार बनाकर अब नई ट्रांसफर नीति को और सख्ती से लागू करने का फैसला लिया गया है।
पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर फेरबदल की तैयारी
नई नीति लागू होने के बाद प्रदेशभर में पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले होने की संभावना है। इससे कई थानों में वर्षों से जमे कर्मचारियों को नई जगह भेजा जा सकता है।सरकार इसे प्रशासनिक सुधार और बेहतर कानून व्यवस्था की दिशा में अहम कदम मान रही है।
