Mysuru Mirror Viral Video कर्नाटक के मैसूर शहर से एक ऐसा प्रयोग सामने आया है, जिसकी चर्चा अब देशभर में हो रही है। खुले में पेशाब की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने एक अनोखा तरीका अपनाया है, जिसमें चमकदार स्टील और शीशेनुमा पैनल लगाए गए हैं।
बस स्टैंड और व्यस्त इलाकों में लगाया गया खास इंतजाम
यह व्यवस्था मैसूर के केएसआरटीसी सब-अर्बन बस स्टैंड और मदर टेरेसा रोड के आसपास शुरू की गई है। यह क्षेत्र लंबे समय से गंदगी और बदबू की समस्या से जूझ रहा था। चेतावनी बोर्ड और सफाई अभियान के बावजूद जब सुधार नहीं हुआ, तो प्रशासन ने यह नया प्रयोग अपनाया।
शीशे में खुद को देख शर्म से रुके लोग
नगर निगम का मानना है कि जब लोग खुद को शीशे में देखते हैं और आसपास मौजूद राहगीरों की नजर भी पड़ती है, तो वे खुले में पेशाब करने से बचते हैं। इस प्रयोग का असर बेहद तेजी से देखने को मिला है।
24 घंटे में 90 प्रतिशत तक कमी का दावा
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस व्यवस्था के लागू होने के सिर्फ 24 घंटे के भीतर खुले में पेशाब की घटनाओं में लगभग 90 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है। रात के समय भी व्यवस्था प्रभावी रहे, इसके लिए वहां एलईडी लाइटें भी लगाई गई हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल, लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस पहल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। कई लोगों ने इसे “स्मार्ट सिविक आइडिया” और “बेहतर शहर व्यवस्था की दिशा में कदम” बताया है।
वहीं कुछ यूजर्स का मानना है कि केवल शर्मिंदगी से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, बल्कि सार्वजनिक शौचालयों की संख्या और सुविधा बढ़ाना भी जरूरी है।
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरुआत
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार यह फिलहाल एक पायलट प्रोजेक्ट है। यदि इसके परिणाम लगातार सकारात्मक रहते हैं, तो इसे शहर के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जा सकता है।
शहर प्रबंधन बनाम व्यवहार सुधार की बहस
यह प्रयोग अब शहरी व्यवस्था और नागरिक व्यवहार सुधार के बीच नई बहस को जन्म दे रहा है कि क्या तकनीक और डिजाइन से आदतें बदली जा सकती हैं, या फिर बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ही स्थायी समाधान है।
