इतिहास में आज 30 जनवरी : आज ही के दिन 1948 में नाथूराम गोड़से ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को गोली मारी थी

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30 जनवरी 1948, ये वो दिन है जब देश ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को खो दिया था. सत्य और अहिंसा के पथ पर भारत की आजादी में अहम योगदान देनेवाले बापू को प्रार्थना के लिए जाते वक्त शाम को बिड़ला भवन में उन्हें करीब से नाथुराम गोड़से ने 3 गोली मारी और ‘हे राम’ कहते हुए बापू ने दुनिया को अलविदा कह दिया. ये इतिहास के सबसे दुखद दिनों में एक है. अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को देश शहीद दिवस के रूप में मनाता है. गांधी की हत्या के मामले में नाथूराम गोड़से और नारायण आप्टे को दोषी पाया गया और 15 नवंबर 1949 को दोनों को फांसी दे दी गई. ये आजाद भारत के इतिहास में पहली फांसी की सजा थी. इस मामले में विष्णु करकरे, मदनलाल, गोपाल गोडसे, डॉ.दत्तात्रेय परचुरे और शंकर किस्तैया को आजीवन कारावास की सजा दी गई.

1997 में आज के दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के निधन के 49 साल बाद उनकी अस्थियों का विसर्जन संगम के तट पर किया गया. वहीं 2010 में उनकी कुछ अस्थियों को दक्षिण अफ्रीका के हिन्द महासागर में विसर्जित किया गया. दरअसल बापू की 1948 में हत्या के बाद उनकी अस्थियों को परिजनों, मित्रों और अनुयायियों में बांटा गया था. दक्षिण अफ्रीका में हत्या के 62 साल बाद अस्थिविसर्जन कार्यक्रम में गांधी जी की पौत्री इला गांधी मौजूद रहीं.

इतिहास के दूसरे अंश में बात करेंगे जर्मनी में नाजियों के उदय और हिटलर की. 30 जनवरी, 1933 ये वो दिन है जब चांसलर के रूप में हिटलर का जर्मनी में उदय हुआ था. ये वो घटना थी जिसका असर आगे चलकर पूरी दुनिया पर पड़ा. हिटलर की योजना को अधिकांश जर्मन आबादी ने स्वीकार किया था. उसका मकसद राजनीति को ख़त्म करके, जर्मनी को एक शक्तिशाली, एकीकृत एकदलीय राज्य के रूप में सशक्त बनाना था. उन्होंने तुरंत इसकी शुरुआत की, राज्य पुलिस, गेस्टापो के तेजी से विस्तार का आदेश दिया और अंत तक नाजी के नेता के रूप में दुनिया को एक और विश्वयुद्ध की ओर धकेला

देश दुनिया की अन्य ऐतिहासिक घटनाएं

1649 : इंग्लैंड के राजा, चार्ल्स प्रथम को फाँसी दे दी गई.

1790 : आविष्कारक हेनरी ग्रीथेड द्वारा दुनिया की पहली लाइफबोट का पानी में परीक्षण

1945 : जर्मन समुद्री जहाज़ विल्हेम गुस्टलॉफ़ को एक सोवियत पनडुब्बी ने डुबो दिया था, जिसके परिणामस्वरूप इतिहास की सबसे बड़ी समुद्री आपदा हुई और 9,000 लोगों की मौत हो गई

1956 : अमेरिकी नागरिक अधिकार कार्यकर्ता मार्टिन लूथर किंग जूनियर के घर पर बमबारी की गई थी
1995 : विनाशकारी बाढ़ के कारण 100,000 से अधिक लोगों को नीदरलैंड के निचले इलाकों को खाली करने के लिए मजबूर होना पड़ा
2005 : इराक में 1953 के बाद पहला राष्ट्रीय चुनाव
2020 : विश्व स्वास्थ्य संगठन ने COVID-19 को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया.

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