राशन दुकानों में चावल घोटाले पर सख्ती, 389 क्विंटल चावल की गड़बड़ी पर एफआईआर, कई और दुकानदार कार्रवाई के घेरे में

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रायपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत संचालित उचित मूल्य की दुकानों में चावल की गड़बड़ी को लेकर खाद्य विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। विभाग ने जोरा स्थित एक राशन दुकान में सैकड़ों क्विंटल चावल की कमी पाए जाने के बाद समिति के अध्यक्ष और विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं, जिले की कई अन्य दुकानों में भी भारी मात्रा में चावल का शॉर्टेज सामने आने के बाद कानूनी कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी गई है।

389 क्विंटल चावल की कमी मिलने पर दर्ज हुई एफआईआर

खाद्य विभाग के मुताबिक, जोरा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान (आईडी-442001026) की पिछले वर्ष हुई जांच में 389 क्विंटल चावल कम पाया गया था। इस गड़बड़ी की अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। विभाग ने समिति के अध्यक्ष और विक्रेता को कई बार नोटिस जारी कर चावल या उसकी समतुल्य राशि जमा कराने का निर्देश दिया, लेकिन निर्धारित समय के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद विभाग ने दोनों के खिलाफ तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज करा दी।

अन्य दुकानों में भी सामने आई भारी अनियमितता

जांच के दौरान रायपुर जिले की कई अन्य उचित मूल्य दुकानों में भी बड़ी मात्रा में चावल की कमी मिली है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार—

  • सेरीखेड़ी स्थित दुकान (आईडी-442001044) में करीब 450 क्विंटल चावल कम मिला।
  • आरंग के ग्राम कोसमखुटा स्थित दुकान (आईडी-442003042) में लगभग 220 क्विंटल चावल का शॉर्टेज पाया गया।
  • रायपुर शहर की दुकान आईडी 441001290 और 441001291 में 200 से 250 क्विंटल तक चावल कम मिला।
  • ग्राम गनौद (आरंग) की उचित मूल्य दुकान में भी लगभग 175 क्विंटल चावल की कमी दर्ज की गई।

नोटिस के बावजूद नहीं की भरपाई

खाद्य विभाग ने संबंधित सभी समिति प्रभारियों और विक्रेताओं को कई बार नोटिस जारी कर चावल या उसकी कीमत जमा कराने का अवसर दिया था। बावजूद इसके अधिकांश मामलों में अब तक न तो चावल वापस जमा कराया गया और न ही राशि जमा की गई।

खाद्य नियंत्रक बोले- गड़बड़ी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

रायपुर के खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन दुकानों में जांच के दौरान चावल की कमी पाई गई है, उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी किया जा चुका है। यदि संबंधित संचालक निर्धारित समय में चावल या उसकी राशि जमा नहीं कराते हैं, तो उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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