भोपाल पुलिस में अफसरों की कमी बनी चुनौती…कमिश्नर ने DGP को लिखा पत्र, 3 IPS की मांग

3 Min Read

MP News:  भोपाल पुलिस कमिश्नरेट में आईपीएस अधिकारियों की कमी अब गंभीर मुद्दा बनती जा रही है। हालात को देखते हुए पुलिस कमिश्नर Sanjay Kumar ने डीजीपी Kailash Makwana को पत्र लिखकर तीन अहम पदों पर तुरंत तैनाती की मांग की है।

महीनों से खाली पड़े अहम पद, अतिरिक्त प्रभार से चल रहा काम

कमिश्नरेट में डीसीपी ट्रैफिक, डीसीपी इंटेलिजेंस सिक्योरिटी और डीसीपी जोन-1 जैसे महत्वपूर्ण पद लंबे समय से खाली हैं। डीसीपी जोन-1 का पद 25 नवंबर 2025 से खाली है, जबकि डीसीपी ट्रैफिक के पद से जितेंद्र सिंह पवार के 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त होने के बाद अब तक नई नियुक्ति नहीं हुई। फिलहाल इन जिम्मेदारियों को अन्य अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देकर संभाला जा रहा है।

ये तीन पद बने सबसे बड़ी जरूरत

शहर की सुरक्षा और संचालन को सुचारू रखने के लिए जिन पदों पर तत्काल नियुक्ति जरूरी मानी जा रही है, उनमें शामिल हैं
डीसीपी जोन-1
डीसीपी ट्रैफिक
डीसीपी इंटेलिजेंस सिक्योरिटी

संवेदनशील इलाकों में बढ़ी परेशानी, वीआईपी मूवमेंट में दिख रही दिक्कत

अधिकारियों की कमी का सीधा असर कानून व्यवस्था पर पड़ रहा है। खासतौर पर वीआईपी मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक मैनेजमेंट और डायवर्जन में मुश्किलें सामने आ रही हैं। वहीं इंटेलिजेंस विंग में अधिकारी की कमी के कारण बड़े आयोजनों की सुरक्षा तैयारियों पर भी असर पड़ रहा है।

जोन-1 सबसे ज्यादा प्रभावित, वीआईपी और संवेदनशील क्षेत्र शामिल

जोन-1 में शहर के कई अहम और संवेदनशील इलाके आते हैं। यहां विधानसभा, राजभवन और पुलिस मुख्यालय जैसे हाई प्रोफाइल स्थान हैं, तो दूसरी ओर जहांगीराबाद, ऐशबाग और अशोका गार्डन जैसे संवेदनशील क्षेत्र भी इसी जोन में शामिल हैं। इस जोन में कुल 9 थाने आते हैं, जहां स्थायी डीसीपी न होने से प्रशासनिक और आपराधिक मामलों की निगरानी प्रभावित हो रही है।

जल्द फैसला नहीं हुआ तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द इन पदों पर नियुक्ति नहीं हुई तो कानून व्यवस्था को संभालना और चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में पुलिस कमिश्नर द्वारा उठाया गया यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

Share this Article