साल 2023 में दिल्ली में आई विनाशकारी बाढ़ के अनुभव को ध्यान में रखते हुए, दिल्ली सरकार अब ‘जापान मॉडल’ पर आधारित व्यापक योजना तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य यमुना नदी के अतिरिक्त पानी को नियंत्रित रूप से डायवर्ट कर बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करना है।
छह प्रमुख फ्लड प्लेन और माइन पिट्स
सिंचाई और बाढ़ विभाग ने फ्लड प्लेन क्षेत्र में छह प्रमुख स्थान चिन्हित किए हैं। इन जगहों पर बड़े स्तर पर पानी को नियंत्रित और स्टोर करने की तैयारी की जा रही है। योजना के तहत करीब 15 माइन पिट्स बनाए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता लगभग 5200 मिलियन लीटर प्रति दिन होगी। इन पिट्स में पानी लगभग 60 दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकेगा, जिससे बाढ़ के समय जलस्तर को नियंत्रित करना आसान होगा।
डायवर्जन चैनल और बाढ़ नियंत्रण
जापान के मॉडल के अनुसार, 18 डायवर्जन चैनल भी बनाए जाएंगे। इन चैनलों के जरिए अतिरिक्त पानी को अन्य क्षेत्रों की ओर मोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य निचले इलाकों में जलभराव की समस्या को कम करना और बारिश के दौरान पानी के फ्लो को संतुलित रखना है। इस पूरी योजना के तहत करीब 4200 मिलियन लीटर पानी को नियंत्रित रूप से स्टोर करने की तैयारी की जा रही है।
जल प्रबंधन और सुरक्षा में बड़ा कदम
इस पहल से न केवल बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी, बल्कि जल प्रबंधन के क्षेत्र में भी दिल्ली सरकार एक नई मिसाल कायम करेगी। लक्ष्य यह है कि भविष्य में भारी बारिश के दौरान होने वाले नुकसान को कम किया जा सके और दिल्लीवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
