रायपुर। राजधानी रायपुर में शहर काजी आरिफ अली फारूकी के खिलाफ गंभीर आरोपों के बाद वक्फ बोर्ड ने उन्हें उनके पद से हटा दिया है। मामला बैजनाथपारा स्थित मदरसा इस्लाहुल मुस्लेमीन यतीमखाना से जुड़ा है, जहां काजी पर महिलाओं के साथ अशोभनीय व्यवहार करने का आरोप लगा।
रात में फोन कर महिलाओं पर दबाव
शिकायत के अनुसार, काजी महिलाओं को देर रात फोन कर अश्लील बातें करता था और ‘फ्रेंडशिप’ के लिए दबाव डालता था। पीड़ित महिला ने इस बात की जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद मामला वक्फ बोर्ड तक पहुंचा।

तलाक और हलाला को लेकर विवाद
पीड़िता का आरोप है कि काजी ने उन्हें तलाक दिलवाने की बात कही और बाद में हलाला जैसी प्रक्रिया में शामिल होने का दबाव भी बनाया। इन आरोपों के सामने आने के बाद समाज में गहरी नाराजगी देखने को मिली।
उलेमाओं की आपात बैठक में लिया गया फैसला
31 मार्च 2026 को रायपुर के प्रमुख उलेमाओं और आइम्मा-ए-इक्राम की आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में कारी इमरान, अब्दुल रज्जाक, जहीर रहबर, आबाद अली और अशरफ अली सहित कई सदस्य शामिल हुए। गंभीर विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से आरिफ अली फारूकी को शहर काजी के पद से बर्खास्त कर दिया गया।
समाज में आक्रोश, पद की गरिमा पर सवाल
उलेमाओं ने इस घटना को पद की गरिमा के खिलाफ बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। साथ ही समाज के लोग भी इस मामले को लेकर रोष व्यक्त कर रहे हैं और कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पहले भी हो चुके हैं आरोप
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में भी मदरसे में एक नाबालिग से मारपीट के आरोप आरिफ अली फारूकी पर लगे थे। उस समय मामला चर्चा में आया था, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई थी।
पुलिस जांच की मांग तेज
घटना के सामने आने के बाद अब पूरे प्रकरण में पुलिस जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
