कानून व्यवस्था पर सियासत तेज, एफआईआर दर्ज न करने का आरोप

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छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष Sushil Anand Shukla ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बढ़ते अपराधों को छुपाने के लिए थानों में एफआईआर दर्ज नहीं होने दी जा रही।

अपराध छुपाने की कोशिश का आरोप

कांग्रेस नेता का कहना है कि राज्य में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के बावजूद पुलिस एफआईआर दर्ज करने से बच रही है। उनका आरोप है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि सरकारी आंकड़ों में अपराध कम दिखे और प्रशासन अपनी उपलब्धि बता सके। इस स्थिति से आम लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।

पीड़ितों को न्याय मिलने में बाधा

उन्होंने कहा कि चोरी, मारपीट, धोखाधड़ी, उत्पीड़न और साइबर ठगी जैसे मामलों में भी अब एफआईआर दर्ज कराना आसान नहीं रह गया है। इससे पीड़ितों के लिए न्याय की राह कठिन हो गई है, जबकि अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ रहे हैं।

सरकार पर विफलता का आरोप

Sushil Anand Shukla ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार कानून व्यवस्था सुधारने में नाकाम रही है। लूट, हत्या, दुष्कर्म, चाकूबाजी और नशे की तस्करी जैसे मामलों में वृद्धि के कारण आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

पुराने शासन का भी किया जिक्र

उन्होंने पूर्व की Raman Singh सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी कुछ मामलों में एफआईआर दर्ज करने से बचने के आरोप लगे थे। उनका कहना है कि वर्तमान में भी वही स्थिति दोहराई जा रही है।

कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी

कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार एफआईआर दर्ज करना पुलिस की जिम्मेदारी है। यदि किसी मामले में एफआईआर नहीं बनती, तो संबंधित व्यक्ति को अदालत जाने के लिए लिखित सलाह दी जानी चाहिए। लेकिन वर्तमान में पुलिस शिकायतकर्ताओं को बिना उचित मार्गदर्शन के लौटा रही है।

कागजों में कम, हकीकत में ज्यादा अपराध

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के इस रवैये से भले ही रिकॉर्ड में अपराध कम नजर आएं, लेकिन जमीन पर अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इससे न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि आम जनता का भरोसा भी कमजोर हो रहा है।

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