पितृ मोक्ष अमावस्या पर घाटों में उमड़ी भीड़, महानदी से खारून तक हुआ तर्पण

admin  - News & Entertainment
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रायपुर। पितृ मोक्ष अमावस्या पर रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में नदी, तालाबों और जलाशयों के घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। लोगों ने अपने पूर्वजों की आत्मशांति के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म किए। महानदी, शिवनाथ, खारून और हसदेव नदियों के तटों पर भी धार्मिक अनुष्ठान हुए।

राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित खारून नदी और विभिन्न तालाबों में सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे। जिन लोगों के पूर्वजों की मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है या जिनका श्राद्ध किसी कारणवश छूट गया था, उन्होंने भी इस दिन विधि-विधान से कर्मकांड संपन्न किए।

गायत्री शक्ति पीठ में विशेष आयोजन

समता कॉलोनी स्थित गायत्री शक्ति पीठ में सर्व पितृ अमावस्या पर तर्पण और पिंडदान की विशेष व्यवस्था की गई। आचार्यों की मौजूदगी में श्रद्धालुओं ने अनुष्ठान किए।

लावारिस मृतकों की आत्मशांति के लिए हवन

सरजू बांधा श्मशान घाट परिसर में कृष्ण मित्र फाउंडेशन की ओर से अज्ञात और लावारिस मृतकों की आत्मशांति के लिए सामूहिक पिंडदान और शांति हवन किया गया। संस्था पिछले तीन वर्षों से लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने के साथ यह आयोजन कर रही है। अनुष्ठान के बाद मुक्तिधाम परिसर में पौधरोपण भी किया गया।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ मोक्ष अमावस्या पर किए गए तर्पण और श्राद्ध का विशेष महत्व है। यह अवसर पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ जीवित माता-पिता और बुजुर्गों के सम्मान व सेवा का संदेश भी देता है।

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