दिल्ली : आयोजित होने जा रहे ‘संगीतमय राम कथा’ कार्यक्रम को लेकर नई सियासी चर्चा शुरू हो गई है। प्रख्यात कवि और वक्ता Kumar Vishwas के नेतृत्व में होने वाले इस आयोजन के लिए शहरभर में लगाए गए होर्डिंग्स खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन होर्डिंग्स पर लिखा ‘आप भी आमंत्रित हैं’ संदेश अब राजनीतिक इशारों के रूप में देखा जा रहा है।
AAP कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर, केजरीवाल पर निशाने के लगाए जा रहे कयास
खास बात यह है कि ये होर्डिंग्स आम आदमी पार्टी के कार्यालय के बाहर भी लगाए गए हैं। इसे लेकर यह चर्चा तेज हो गई है कि Kumar Vishwas ने अपने पुराने राजनीतिक रिश्तों की ओर इशारा करते हुए Arvind Kejriwal और आम आदमी पार्टी पर परोक्ष रूप से टिप्पणी की है।
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच आयोजन, इस्तीफों के बाद और गहराई बहस
हाल ही में आम आदमी पार्टी के कई राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे के बाद राजनीतिक माहौल पहले से ही गरमाया हुआ है। इस बीच राम कथा से जुड़े होर्डिंग्स ने इस बहस को और हवा दे दी है। जानकार इसे एक सांस्कृतिक आयोजन के साथ साथ राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देख रहे हैं।
राम कथा के जरिए सांस्कृतिक मूल्यों को जोड़ने की कोशिश
दिल्ली विधानसभा में आयोजित होने जा रहे इस कार्यक्रम को लेकर विधानसभा अध्यक्ष Vijender Gupta ने कहा कि भगवान राम केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आदर्शों के प्रतीक हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से उनके जीवन के मूल्यों को आधुनिक संदर्भ में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा।
संगीत, कविता और कथा का संगम, युवाओं को जोड़ने पर फोकस
कार्यक्रम में भगवान राम के जीवन की प्रमुख घटनाओं जैसे त्याग, संघर्ष और कर्तव्यनिष्ठा को संगीत, कविता और कथा के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को इन मूल्यों से जोड़ना और उन्हें जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
केंद्रीय मंत्रियों से लेकर मुख्यमंत्री तक को न्योता, बड़ा आयोजन बनने की तैयारी
इस कार्यक्रम के लिए कई बड़े नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें केंद्रीय मंत्री, दिल्ली के उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री Rekha Gupta, संसद सदस्य और विधानसभा के सभी सदस्य शामिल हैं।
सांस्कृतिक मंच या सियासी संकेत, चर्चा के केंद्र में राम कथा
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखाया है कि कैसे सांस्कृतिक आयोजन भी राजनीति के केंद्र में आ सकते हैं। ‘संगीतमय राम कथा’ अब सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं रह गया, बल्कि इसके जरिए दिए गए संदेशों ने इसे सियासी बहस का विषय बना दिया है।
