विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के बेरखेड़ी जेतू गांव में रविवार 14 जून को कृषि और किसान कल्याण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत होने जा रही है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और विदिशा से सांसद शिवराज सिंह चौहान लगभग 3.30 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कृषि विज्ञान केंद्र का शिलान्यास करेंगे। इस परियोजना को क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ा बदलावकारी कदम माना जा रहा है।
किसानों को मिलेगी आधुनिक कृषि तकनीक की नई ताकत
इस मौके पर खेत बचाओ अभियान के तहत सीआरएम यानी क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट प्रोजेक्ट की भी शुरुआत की जाएगी। इसका उद्देश्य किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति जागरूक करना और पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा देना है।
विदिशा विधायक मुकेश टंडन ने बताया कि यह कृषि विज्ञान केंद्र सिर्फ एक निर्माण परियोजना नहीं है, बल्कि यह किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज, नई शोध आधारित जानकारी और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का एक मजबूत माध्यम बनेगा।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
इस परियोजना से विदिशा और आसपास के जिलों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह केंद्र किसानों को खेती की नई तकनीकों से जोड़कर उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने में मदद करेगा, जिससे उनकी आय में सुधार हो सकेगा।
बड़े पैमाने पर किसानों की भागीदारी, लगेगी 25 प्रदर्शनी स्टॉल
कार्यक्रम में विदिशा और रायसेन जिले के लगभग 2500 से 3000 किसानों के शामिल होने की संभावना है। किसानों को सरकारी योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देने के लिए करीब 25 प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
कई मंत्री और जनप्रतिनिधि होंगे शामिल
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, जिले के प्रभारी मंत्री लखन पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
केंद्रीय मंत्री किसानों से करेंगे सीधा संवाद
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान कार्यक्रम के दौरान पूरे समय मौजूद रहकर किसानों और लाभार्थियों से सीधा संवाद करेंगे। इस संवाद के माध्यम से किसानों की समस्याओं और सुझावों को समझने का प्रयास किया जाएगा।
कृषि विकास को मिलेगी नई दिशा
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र के कृषि विकास को नई गति देगी। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती के माध्यम से यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि को अधिक लाभकारी व्यवसाय में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
