सूरजपुर। अक्सर सड़क हादसों के बाद लोग तमाशबीन बने रहते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने एक ऐसी पहल की, जिसने मानवता और संवेदनशीलता की नई मिसाल पेश कर दी। सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद के लिए उन्होंने तुरंत कदम उठाया और उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था कराई।
अंबिकापुर में हुआ हादसा, मंत्री ने तत्काल संभाली स्थिति
जानकारी के अनुसार, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े रायपुर से अपने गृह जिले सूरजपुर स्थित बीरपुर निवास लौट रही थीं। इसी दौरान अंबिकापुर रेलवे स्टेशन के पास एक स्कूटी और ऑटो के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
जैसे ही मंत्री की नजर दुर्घटना पर पड़ी, उन्होंने बिना समय गंवाए अपना वाहन रुकवाया और मौके पर पहुंचकर घायलों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तत्काल राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।
काफिला नहीं, फिर भी दिखाई जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना
विशेष बात यह रही कि उस समय मंत्री किसी आधिकारिक काफिले के साथ नहीं थीं। वह सामान्य वाहन से यात्रा कर रही थीं। इसके बावजूद उन्होंने अपनी जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था अपनी गाड़ी से कराई।
मदद के इस कदम की हर तरफ हो रही सराहना
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के इस मानवीय व्यवहार की क्षेत्र में व्यापक चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों ने उनकी तत्परता और संवेदनशीलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे समय में किसी जनप्रतिनिधि का आगे आकर मदद करना समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश है। हादसे के दौरान दिखाई गई उनकी सक्रियता और मानवीय दृष्टिकोण को लोग खूब सराह रहे हैं।
