मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका की सैन्य व्यवस्था में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज को तत्काल पद छोड़ने और रिटायर होने का निर्देश दिया गया है। हालांकि आदेश के बाद भी उन्होंने अभी तक औपचारिक इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही इस पर अंतिम फैसला सामने आ सकता है।
ईरान के खिलाफ संभावित कार्रवाई के बीच आया आदेश
यह निर्देश ऐसे समय पर आया है जब अमेरिका, ईरान के खिलाफ संभावित जमीनी सैन्य रणनीति पर काम कर रहा है। ऐसे संवेदनशील दौर में सेना प्रमुख को हटाने के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के निर्देश पर कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने यह निर्णय लिया है। हालांकि इस कदम के पीछे की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। मीडिया रिपोर्ट्स में यह चर्चा है कि रक्षा मंत्रालय ऐसा नेतृत्व चाहता है जो राष्ट्रपति की रणनीति के अनुरूप काम करे।
ट्रंप प्रशासन के साथ तालमेल पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे डोनाल्ड ट्रंप के विजन के साथ तालमेल को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि सेना प्रमुख और प्रशासन के बीच किसी मुद्दे पर मतभेद था या नहीं।
अनुभवी सैन्य अधिकारी रहे हैं रैंडी जॉर्ज
जनरल रैंडी जॉर्ज का सैन्य करियर बेहद लंबा और अनुभवपूर्ण रहा है। वे गल्फ वॉर के साथ साथ इराक और अफगानिस्तान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उन्हें 2023 में जो बाइडेन द्वारा सेना प्रमुख नियुक्त किया गया था और उनका कार्यकाल अभी बाकी था।
नया सेना प्रमुख कौन, चर्चा तेज
अब उनकी जगह उप सेना प्रमुख जनरल क्रिस्टोफर लानेव को जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस पर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
जंग के बीच फैसले ने बढ़ाई हलचल
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच यह फैसला अमेरिकी सैन्य और राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस बदलाव का असर अमेरिका की रणनीति और वैश्विक समीकरणों पर किस तरह पड़ता है।
