आगरा। केंद्रीय रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने रविवार को आगरा में वीर शिरोमणि Maharana Pratap की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास में वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के ऐसे प्रतीक हैं, जिन्हें देश कभी भुला नहीं सकता।
महाराणा प्रताप केवल शासक नहीं, एक विचार थे
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ के राजा नहीं थे, बल्कि वे उस विचारधारा के प्रतीक थे जो किसी भी परिस्थिति में आत्मसम्मान और सिद्धांतों से समझौता नहीं करती।उन्होंने कहा कि यदि महाराणा प्रताप चाहते तो अकबर से समझौता कर राजसी वैभव में जीवन बिता सकते थे, लेकिन उन्होंने अपने स्वाभिमान को सर्वोपरि रखा। महलों की सुख-सुविधाओं के बजाय कठिन संघर्ष का रास्ता चुना और मातृभूमि की प्रतिष्ठा की रक्षा की।
कठिनाइयां झेलीं, लेकिन कभी नहीं झुके
रक्षा मंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप ने जीवन में अनेक कष्ट सहे, लेकिन कभी मुगलों के सामने घुटने नहीं टेके। उन्होंने हल्दीघाटी के युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप ने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय दिया।उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास के कुछ दौर में महाराणा प्रताप को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे वास्तविक हकदार थे, लेकिन उनकी वीरता किसी सरकारी मान्यता की मोहताज नहीं है।
अकबर चला गया, लेकिन महाराणा प्रताप आज भी लोगों के दिलों में हैं
राजनाथ सिंह ने कहा कि समय के साथ मुगल साम्राज्य समाप्त हो गया, लेकिन महाराणा प्रताप आज भी देशवासियों के दिलों में जीवित हैं। आज भी माताएं अपने बच्चों को उनके साहस, त्याग और देशभक्ति की कहानियां सुनाती हैं।उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन यह संदेश देता है कि राष्ट्र का सम्मान और स्वतंत्रता किसी भी कीमत से अधिक महत्वपूर्ण होते हैं।
भारत का बढ़ा वैश्विक सम्मान
रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा मजबूत हुई है।उनके अनुसार, आज वैश्विक मंचों पर भारत की बात को गंभीरता से सुना जाता है और देश की आवाज का प्रभाव पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ा है।
आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति का किया जिक्र
अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के मुद्दे पर भी सरकार की नीति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों को आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए आवश्यक अधिकार दिए गए हैं और देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।उन्होंने कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा आतंकवाद के खिलाफ कठोर रुख जारी रहेगा।
महाराणा प्रताप की प्रेरणा आज भी प्रासंगिक
कार्यक्रम के अंत में रक्षा मंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका संघर्ष, त्याग और स्वाभिमान हमें यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों और राष्ट्रहित से समझौता नहीं करना चाहिए।उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों की स्मृतियां आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देती रहेंगी।
