सनातन धर्म में खरमास की अवधि को मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। इस दौरान विवाह, सगाई, नामकरण, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे सभी शुभ कार्य स्थगित कर दिए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब सूर्य देव गुरु की राशियों में प्रवेश करते हैं तो शुभ प्रभाव कमजोर हो जाता है, इसी कारण इस समय को अशुभ माना जाता है।
कब खत्म होगा खरमास 2026
ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक, सूर्य देव 15 मार्च को मीन राशि में प्रवेश कर चुके हैं, जिसके साथ ही खरमास शुरू हुआ। अब 14 अप्रैल 2026 को सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इस राशि परिवर्तन के साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा।
इस दिन मेष संक्रांति का पर्व भी मनाया जाएगा, जो नए शुभ कार्यों की शुरुआत का संकेत देता है।
15 अप्रैल से फिर बजेगी शहनाई
खरमास समाप्त होते ही 15 अप्रैल 2026 से सभी मांगलिक कार्य दोबारा शुरू हो जाएंगे। इस दिन से विवाह, सगाई और गृह प्रवेश जैसे आयोजन शुभ माने जाएंगे और घरों में फिर से उत्सव का माहौल लौट आएगा।
अप्रैल 2026 के प्रमुख विवाह मुहूर्त
खरमास खत्म होने के बाद अप्रैल में कई शुभ तिथियां उपलब्ध हैं, जिनमें विवाह जैसे मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं
- 15 अप्रैल, बुधवार
- 20 अप्रैल, सोमवार
- 21 अप्रैल, मंगलवार
- 25 अप्रैल, शनिवार
- 26 अप्रैल, रविवार
- 27 अप्रैल, सोमवार
- 28 अप्रैल, मंगलवार
- 29 अप्रैल, बुधवार
शुभ मुहूर्त का क्या है महत्व
भारतीय संस्कृति में विवाह को केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों का पवित्र संबंध माना जाता है। यही कारण है कि शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा जाता है। मान्यता है कि सही समय पर संपन्न विवाह से वैवाहिक जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
