मुरैना में व्यापारी ने थाना प्रभारी पर लगाए गंभीर आरोप, बोले- शिकायत की तो दबाव, धमकी और कार्रवाई का करना पड़ा सामना

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मुरैना शहर के जीवाजीगंज क्षेत्र के रहने वाले व्यापारी श्रीकृष्ण अग्रवाल ने सिटी कोतवाली थाना प्रभारी अमित भदौरिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कई महीने पहले उनके यहां लगातार चोरी की घटनाएं हुई थीं, जिनकी शिकायत लेकर वह पुलिस के पास पहुंचे, लेकिन उनकी बात पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अब उन्होंने पुलिस पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।

सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद बढ़ा विवाद, शिकायत वापस लेने का लगाया आरोप

व्यापारी के अनुसार, जब स्थानीय स्तर पर उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने सीएम हेल्पलाइन का सहारा लिया। उनका आरोप है कि इसके बाद पुलिस की ओर से लगातार शिकायत वापस लेने और हेल्पलाइन में दर्ज मामला बंद कराने का दबाव बनाया जाने लगा। उन्होंने दावा किया कि शिकायत वापस नहीं लेने पर उन्हें थाने में बंद करने तक की धमकी दी गई।

व्यापारी बोले- चोरी, मारपीट और वाहन से टक्कर की शिकायत पर भी नहीं हुई जांच

पीड़ित श्रीकृष्ण अग्रवाल का कहना है कि उनके साथ चोरी, मारपीट और वाहन से टक्कर मारने जैसी घटनाएं हुई थीं। इन सभी मामलों की शिकायत उन्होंने संबंधित अधिकारियों से की, लेकिन पिछले पांच से छह महीनों में न तो किसी मामले की गंभीर जांच हुई और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई करने के बजाय थाना प्रभारी ने उनके और उनकी पत्नी के खिलाफ एसडीएम न्यायालय में इस्तगासा दायर कर दिया। व्यापारी का कहना है कि उन्हें झूठा फरियादी बताकर कानूनी कार्रवाई की गई, जिससे उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।

मोबाइल नंबर ब्लॉक कराने और शिकायतें बंद कराने का भी लगाया आरोप

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने उनका सीएम हेल्पलाइन से जुड़ा मोबाइल नंबर ब्लॉक करा दिया, ताकि वह आगे शिकायत दर्ज न करा सकें। उनका दावा है कि थाने के माध्यम से उनकी शिकायतों को लगातार बंद कराया जा रहा है।

व्यापारी ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक, डीआईजी और आईजी स्तर तक की है, लेकिन अब तक उन्हें किसी प्रकार की राहत या न्याय नहीं मिला है।

पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल व्यापारी की ओर से लगाए गए आरोपों पर पुलिस विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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