हाथी का फिर कहर, मवेशी तलाशने गए ग्रामीण की कुचलकर हत्या, एक सप्ताह में दूसरी मौत

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। कटघोरा वनमंडल के जटगा रेंज में रविवार रात एक दंतैल हाथी के हमले में 40 वर्षीय ग्रामीण की मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा मृतक के परिजनों को तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।

मवेशियों की तलाश में गया था जंगल

जानकारी के अनुसार ग्राम धवलपुर के बंधवापारा निवासी संतोष कुमार गोड़ (40) रविवार रात करीब 9 बजे अपने मवेशियों की तलाश में गांव से लगे जंगल की ओर गया था। इसी दौरान कक्ष क्रमांक पी-270 के बासीन परिसर में पहले से मौजूद हाथियों के झुंड में शामिल एक दंतैल हाथी से उसका सामना हो गया। हाथी ने हमला कर संतोष को गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

वन विभाग ने हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा

घटना की सूचना मिलते ही कटघोरा वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत के निर्देश पर वन अमले की टीम मौके पर पहुंची। काफी प्रयास के बाद हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा गया। इसके बाद पुलिस और वन विभाग ने घटनास्थल पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा।

सरपंच और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में वन विभाग ने मृतक के परिजनों को 25 हजार रुपये की त्वरित सहायता राशि भी सौंपी।

एक सप्ताह में हाथी हमले से दूसरी मौत

कटघोरा वनमंडल में इन दिनों करीब 50 हाथियों का दल अलग-अलग समूहों में विचरण कर रहा है, जिससे वन विभाग की चुनौती बढ़ गई है। बीते एक सप्ताह के भीतर हाथी के हमले से यह दूसरी मौत है। इससे पहले केंदई रेंज के पतुरियाडांड गांव में एक वृद्ध महिला की भी हाथी के हमले में जान चली गई थी।लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि वनांचल क्षेत्रों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं ताकि जान-माल की हानि रोकी जा सके।

हाथी खदेड़ने गए थे या मवेशी खोजने?

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार परिजनों ने बताया है कि संतोष मवेशियों की तलाश में जंगल गया था। हालांकि प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर वह कुछ अन्य ग्रामीणों के साथ उन्हें खदेड़ने पहुंचा था। इसी दौरान एक दंतैल हाथी ने पलटकर हमला कर दिया और संतोष उसकी चपेट में आ गया।हालांकि अधिकारियों ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वन विभाग लगातार गांवों में मुनादी कर लोगों से हाथियों के पास न जाने और सतर्क रहने की अपील कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

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