Bhopal : दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां दर्द से राहत देने वाली इलेक्ट्रिक थेरेपी मैट ने एक बुजुर्ग की जान ले ली। ईंटखेड़ी थाना क्षेत्र में हुए इस हादसे ने घरेलू मेडिकल डिवाइस की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दर्द से राहत की कोशिश बनी आखिरी पल, नहीं बच सकी जान
88 वर्षीय ग्लैडविन सहाय लंबे समय से शरीर के दर्द और चलने फिरने की समस्या से जूझ रहे थे। राहत पाने के लिए वे इलेक्ट्रिक थेरेपी मैट का उपयोग करते थे। घटना वाले दिन भी वे पीठ दर्द के कारण इसी डिवाइस पर लेटे हुए थे, तभी अचानक शॉर्ट सर्किट से मैट में आग लग गई।
आग की चपेट में आए बुजुर्ग, बाहर निकलने का नहीं मिला मौका
परिवार के अनुसार, आग लगते ही पूरा बेड प्रभावित हो गया और बुजुर्ग उठने में असमर्थ थे। गंभीर रूप से झुलसने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना से परिवार में गहरा शोक फैल गया है।
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका, तकनीकी खराबी पर सवाल
पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में यह संकेत मिला है कि बैटरी या इलेक्ट्रिक सिस्टम में खराबी के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग लगी। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह की विस्तृत जांच जारी है। स्थानीय प्रशासन भी मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
क्या है इलेक्ट्रिक थेरेपी मैट, जिसे माना जाता था आराम का साधन
इलेक्ट्रिक थेरेपी मैट एक मेडिकल हेल्थ डिवाइस होता है, जिसका उपयोग आमतौर पर मांसपेशियों के दर्द और पीठ दर्द से राहत के लिए किया जाता है। इसमें वाइब्रेशन और रोलर मसाज सिस्टम जैसी सुविधाएं होती हैं, जो शरीर को आराम देने में मदद करती हैं।
सावधानी की जरूरत, घरेलू मेडिकल डिवाइस पर उठे सुरक्षा सवाल
इस दर्दनाक घटना के बाद इलेक्ट्रिक थेरेपी जैसे उपकरणों की सुरक्षा और गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे उपकरणों का उपयोग करते समय नियमित जांच और सुरक्षित वायरिंग बेहद जरूरी है ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।
