रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 27 अक्टूबर 2026 को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ के दिवाली गिफ्ट पैक का विमोचन किया। इन गिफ्ट पैक में राज्य के स्थानीय वन उत्पादों और पारंपरिक खाद्य सामग्री को शामिल किया गया है। इस पहल का उद्देश्य वन उपज संग्राहकों और महिला स्व-सहायता समूहों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, अरुण साव, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप सहित कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्रियों को भी गिफ्ट पैक भेंट किए गए।
₹700 और ₹1,100 में मिलेंगे गिफ्ट पैक
‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ के दिवाली गिफ्ट पैक दो श्रेणियों में तैयार किए गए हैं।
- प्रीमियम गिफ्ट पैक: ₹1,100, इसमें नौ प्रकार के उत्पाद हैं।
- सामान्य गिफ्ट पैक: ₹700, इसमें पांच प्रकार के उत्पाद हैं।
इन्हें छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के ‘संजीवनी’ रिटेल आउटलेट्स से खरीदा जा सकता है।
जामुन जूस, महुआ कुकीज और बस्तर के काजू भी शामिल
गिफ्ट पैक में जामुन जूस, जामुन स्प्रेड, आंवला कैंडी, इमली कैंडी, कोदो कुकीज, महुआ कुकीज, च्यवनप्राश, वाइल्ड फॉरेस्ट हनी, बस्तर के मसाला एवं नमकीन काजू, जशपुर की ग्रीन टी और एलोवेरा जेल जैसे उत्पाद शामिल हैं। अलग-अलग पैक में उत्पादों की संख्या अलग होगी।
महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा बाजार
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि वन धन विकास केंद्रों के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूह स्थानीय वनोपज का प्रसंस्करण कर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बना रहे हैं। पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ाव के जरिए उनकी आय बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं।
इन उत्पादों का निर्माण राजनांदगांव के कौरीनभाटा, कवर्धा के बोड़ला, जशपुर के पंचक्की, जगदलपुर के आसना, धमतरी के दुगली और कटघोरा के डोंगानाला सहित विभिन्न वन धन विकास केंद्रों में किया जा रहा है। दुर्ग के जामगांव (एम) स्थित केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई का भी इसमें योगदान है।
सरकारी जानकारी के अनुसार, इन वन धन विकास केंद्रों का वार्षिक कारोबार लगभग 60 से 70 लाख रुपये है। गिफ्ट पैक के जरिए स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ने से वन उपज संग्राहकों और महिला समूहों की आजीविका को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
