मध्य प्रदेश : भिंड शहर में एक शादी समारोह उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे पूर्व राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त डॉ. राजकुमार कुशवाहा को लोगों ने घेर लिया। भारौली रोड स्थित मैरिज गार्डन में आयोजित इस कार्यक्रम में खुशी का माहौल देखते ही देखते विरोध और हंगामे में बदल गया। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने बकाया रकम वापस करने की मांग को लेकर जमकर नाराजगी जताई।
पहले से थी जानकारी, मौके का इंतजार कर रहे थे लोग
बताया जा रहा है कि 27 अप्रैल की रात करीब 9 बजे जैसे ही डॉ. कुशवाहा समारोह में पहुंचे, पहले से तैयार बैठे लोग सक्रिय हो गए। शहर और आसपास के गांवों से आए लोगों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। आरोप है कि जमीन और प्लॉट दिलाने के नाम पर उनसे पैसे लिए गए, लेकिन न तो रजिस्ट्री हुई और न ही रकम लौटाई गई।
लंबे समय से परेशान लोग बोले – अब नहीं टलेगा हिसाब
आरोप लगाने वाले लोगों का कहना था कि वे लंबे समय से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो पा रही थी। ऐसे में शादी समारोह को ही उन्होंने अपनी बात रखने का मौका बना लिया और पैसे वापस मिलने तक हटने से इनकार कर दिया।
आधी रात तक बढ़ा तनाव, पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप
स्थिति तब और बिगड़ गई जब कार्यक्रम खत्म होने के बाद भीड़ ने डॉ. कुशवाहा को बाहर निकलने नहीं दिया। खुद को घिरा देख उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस के सामने भी लोग अपनी मांग पर डटे रहे। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस उन्हें अपने साथ थाने ले गई, जहां दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू कराई गई।
प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़ा पूरा विवाद, करोड़ों रुपये फंसे होने का दावा
जानकारी के मुताबिक डॉ. कुशवाहा पहले प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े रहे हैं और भिंड के सीता नगर के निवासी हैं। आरोप है कि उन्होंने कई लोगों से प्लॉट के नाम पर रकम ली थी। बाद में राज्यमंत्री का दर्जा मिलने के बाद उनका ग्वालियर में रहना ज्यादा होने लगा और स्थानीय लोगों से दूरी बढ़ गई। इसी बीच करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपये फंसे होने की बात सामने आ रही है।
महिला का आरोप – पांच लाख रुपये लेने के बाद नहीं मिला प्लॉट
विवाद के दौरान एक महिला ने भी सामने आकर आरोप लगाया कि उनके भतीजे के जरिए पांच लाख रुपये लिए गए थे, लेकिन बदले में कोई प्लॉट नहीं मिला। महिला भी उसी रकम की मांग को लेकर समारोह में पहुंची थी, जिसके बाद मामला और ज्यादा गर्मा गया।
थाने में समझौता, तय समय में रकम लौटाने का आश्वासन
थाना देहात के टीआई मुकेश शाक्य के मुताबिक, पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने लाकर बातचीत कराई। बातचीत के दौरान डॉ. कुशवाहा ने 10 मई तक बकाया रकम लौटाने का आश्वासन दिया। इस भरोसे के बाद मामला शांत हो गया और लोगों ने विरोध खत्म कर दिया।
