रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून ने आखिरकार पूरे प्रदेश को अपने दायरे में ले लिया है। पिछले कई दिनों से उत्तर क्षेत्र में सीमित रहने वाला मानसून अब राज्य के सभी जिलों तक पहुंच चुका है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले दिनों में बारिश की रफ्तार और तेज होने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 3 जुलाई से रायपुर सहित मध्य छत्तीसगढ़ में वर्षा की गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहे तीन सिस्टम का असर
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दक्षिण उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे लगे दक्षिण बांग्लादेश के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जो करीब 1.5 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसी के प्रभाव से 3 जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इस सिस्टम के सक्रिय होने से छत्तीसगढ़ में व्यापक बारिश की स्थिति बनने के संकेत हैं।
रायपुर सहित मध्य क्षेत्र में बढ़ेगी बारिश
मौसम विभाग का अनुमान है कि 3 जुलाई से रायपुर और आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा हो सकती है। बादलों की सक्रियता बढ़ने से तापमान में भी गिरावट दर्ज होगी, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी।
इन संभागों में भारी बारिश की संभावना
बुधवार और इसके बाद के दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है। खासतौर पर रायपुर, बिलासपुर और बस्तर संभाग के कई जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश में लगातार बारिश का सिलसिला बने रहने की संभावना जताई है।
बीते 24 घंटे में यहां हुई सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कुसमी में सबसे अधिक 9 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा पखांजूर में 7 सेंटीमीटर, चंद्रपुर, मर्दापाल, गिधौरी और टुंड्रा में 5-5 सेंटीमीटर बारिश हुई। शिवरीनारायण, कोटा और दंतेवाड़ा में 4-4 सेंटीमीटर, जबकि पौडी उपरोरा, गीदम, सामरी और दोरनापाल में 3-3 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। अन्य कई क्षेत्रों में भी 1 से 2 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई।
लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
लगातार सक्रिय हो रहे मानसून को देखते हुए लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव, तेज बहाव और बिजली गिरने जैसी घटनाओं की आशंका को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की गई है।
