बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ब्लैकमेलिंग का एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक आरोपी ने एआई तकनीक का दुरुपयोग कर महिला को बदनाम करने की धमकी दी और लाखों रुपये वसूल लिए। सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला अपने परिवार के साथ सिविल लाइन क्षेत्र में रहती है। घर के पास स्थित गुरुद्वारे में कीर्तन के दौरान उसकी पहचान मनिन्दर सिंह नाम के व्यक्ति से हुई थी, जो रागी के रूप में वहां आता था।
भरोसा जीतकर बनाया दबाव
शुरुआत में आरोपी ने परिवार के साथ नजदीकी बढ़ाई और महिला व उसकी बेटी को कीर्तन सिखाने लगा। धीरे धीरे उसने भरोसा जीत लिया और फिर उधार के नाम पर पैसे मांगने लगा। जब परिवार ने पैसे देने से मना किया, तब उसने अपना असली रूप दिखाना शुरू कर दिया।
एआई के जरिए बनाई आपत्तिजनक सामग्री
आरोप है कि आरोपी ने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर महिला की अश्लील फोटो और वीडियो तैयार किए और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। इतना ही नहीं, उसने व्हाट्सएप ग्रुप में महिला के चरित्र को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट भी साझा किए।
डर के कारण परिवार ने दिए लाखों रुपये
लगातार धमकियों और बदनामी के डर से पीड़ित परिवार दबाव में आ गया। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने किस्तों में करीब 20 लाख रुपये वसूल लिए।
पुलिस जांच में जुटी, आरोपी पर कड़ी धाराएं
मामले की शिकायत मिलने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी मनिन्दर सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी की गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है।
AI के दुरुपयोग पर बढ़ती चिंता
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि आधुनिक तकनीक का गलत इस्तेमाल किस तरह लोगों के लिए खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में सतर्कता और समय पर शिकायत बेहद जरूरी है, ताकि अपराधियों पर जल्द कार्रवाई हो सके।
