CBSE ने बदले त्रि-भाषा नीति के नियम, मौजूदा 10वीं के छात्रों को बड़ी राहत, नई व्यवस्था 2028 से होगी लागू

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रायपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने त्रि-भाषा नीति को लेकर नई गाइडलाइन जारी करते हुए छात्रों को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में कक्षा 10वीं में पढ़ रहे विद्यार्थियों पर नई त्रि-भाषा नीति लागू नहीं होगी। वहीं कक्षा 9वीं के मौजूदा छात्रों को भी एक बार की विशेष छूट दी गई है।

मौजूदा 10वीं के छात्रों को नहीं पढ़नी होगी तीसरी भाषा

सीबीएसई के अनुसार वर्तमान 10वीं के विद्यार्थियों को त्रि-भाषा नीति के तहत तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। यानी इस बैच पर नई व्यवस्था लागू नहीं की जाएगी।

9वीं के छात्रों को भी मिली एकमुश्त राहत

बोर्ड ने मौजूदा 9वीं कक्षा के विद्यार्थियों को भी राहत देते हुए कहा है कि उन्हें संक्रमणकालीन व्यवस्था के तहत छूट दी जाएगी। हालांकि उन्हें तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, लेकिन वे दो विदेशी भाषाओं के साथ एक भारतीय भाषा का विकल्प चुन सकेंगे।

पहले अनिवार्य किए गए थे दो भारतीय भाषाएं

गौरतलब है कि सीबीएसई ने इससे पहले घोषणा की थी कि 1 जुलाई से कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों के लिए कम से कम दो भारतीय भाषाओं सहित तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य होगा। इस फैसले के खिलाफ कई विद्यार्थियों और अभिभावकों ने अदालत का रुख किया था। इसके बाद बोर्ड ने संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं।

सीबीएसई की अकादमिक निदेशक प्रज्ञा एम. सिंह ने स्पष्ट किया कि वर्तमान 10वीं के विद्यार्थियों पर त्रि-भाषा नीति लागू नहीं होगी।

नई गाइडलाइन की प्रमुख बातें

  • मौजूदा 10वीं के छात्रों पर नई त्रि-भाषा नीति लागू नहीं होगी।
  • वर्तमान 10वीं के विद्यार्थियों को तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी।
  • कक्षा 7वीं, 8वीं और 9वीं के मौजूदा छात्रों को भी संक्रमणकालीन राहत दी गई है।
  • दो विदेशी भाषाएं पढ़ रहे विद्यार्थी उन्हें जारी रख सकेंगे।
  • नई व्यवस्था के तहत एक भारतीय भाषा पढ़ना अनिवार्य होगा।
  • संशोधित दिशा-निर्देश शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होंगे।

2028 से पूरी तरह लागू होगी नई व्यवस्था

सीबीएसई ने बताया कि नई दो-स्तरीय (स्टैंडर्ड और एडवांस्ड) बोर्ड परीक्षा प्रणाली के साथ त्रि-भाषा नीति का पूर्ण क्रियान्वयन वर्ष 2028 से होगा। पहली बोर्ड परीक्षा उन विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाएगी, जो शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 9वीं में प्रवेश लेंगे।

बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि विदेशी भाषा चुनने वाले विद्यार्थियों को कम से कम दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन करना होगा। विदेशी भाषा को तीसरी भाषा या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में चुना जा सकेगा।

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