गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: जिले में सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी की हत्या और लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. मामले में साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि वारदात को अंजाम देने वाले तीन शूटर अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं.
बाजार में रेकी कर रची गई थी पूरी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार खुशीराम साहू है, जो बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र के बिटकुला गांव का निवासी है.आरोपी ने कोटमीकला साप्ताहिक बाजार में सोना-चांदी कारोबारियों की गतिविधियों पर नजर रखकर पूरी जानकारी जुटाई थी. इस योजना को सफल बनाने में उसके भतीजे राजाराम साहू ने भी सहयोग किया.
बिहार और झारखंड से बुलाए गए थे शूटर
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी ने वारदात को अंजाम देने के लिए बिहार और झारखंड से पेशेवर अपराधियों को बुलाया था.योजना के तहत राहुल नामक आरोपी अपने साथियों संजय और राजू के साथ बिहार से छत्तीसगढ़ पहुंचा था. इन लोगों ने मिलकर व्यापारी की हत्या और लूट की घटना को अंजाम दिया.
लूट के बाद आभूषणों का किया गया बंटवारा
वारदात के बाद सभी आरोपी देवरीखुर्द क्षेत्र में स्थित गया प्रसाद रजक के घर पहुंचे. यहां लूटे गए सोने-चांदी के आभूषणों का आपस में बंटवारा किया गया.
पुलिस की कार्रवाई: हथियार और लूट का माल बरामद
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने खुशीराम साहू, राजाराम साहू और गया प्रसाद रजक को गिरफ्तार कर लिया.गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक देशी कट्टा, दो जीवित कारतूस, लूटे गए आभूषण तथा तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं.
तीन शूटर अब भी फरार, दूसरे राज्यों में दबिश जारी
घटना में शामिल राहुल, संजय और राजू नामक तीनों शूटर अभी फरार हैं. उनकी तलाश के लिए पुलिस दलों को दूसरे राज्यों में भेजा गया है और लगातार दबिश दी जा रही है.
प्रेस वार्ता में हुआ खुलासा, पुलिस दल की सराहना
मामले का खुलासा बिलासपुर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने पेंड्रा स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान किया.उन्होंने इस जटिल मामले को सुलझाने में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और मुंगेली जिले की पुलिस टीमों द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों और कड़ी मेहनत की सराहना की.
हत्या और लूट की गुत्थी सुलझी, फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि मामले के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ हत्याकांड की बड़ी गुत्थी सुलझ गई है, लेकिन फरार शूटरों की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे मामले का अंतिम खुलासा माना जाएगा.
