आईपीएल 2027 से पहले टूर्नामेंट के इतिहास के सबसे चर्चित खिलाड़ी ट्रेड में से एक पर आधिकारिक मुहर लग गई है। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने लखनऊ सुपर जायंट्स का साथ छोड़कर अपनी पुरानी टीम दिल्ली कैपिटल्स में वापसी कर ली है। वहीं इस हाई-प्रोफाइल ट्रेड के तहत स्पिनर कुलदीप यादव अब लखनऊ सुपर जायंट्स की जर्सी में नजर आएंगे।
दिल्ली कैपिटल्स में हुई ऋषभ पंत की ‘घर वापसी’
ऋषभ पंत ने अपने आईपीएल करियर का बड़ा हिस्सा दिल्ली कैपिटल्स के साथ बिताया है। वर्ष 2016 से 2024 तक उन्होंने दिल्ली के लिए 111 मुकाबले खेले और फ्रेंचाइजी के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी बने। अब एक बार फिर वह उसी टीम में लौट आए हैं, जहां उन्होंने अपनी पहचान बनाई थी।
लखनऊ और दिल्ली के बीच हुआ हाई-प्रोफाइल खिलाड़ी ट्रेड
इस बड़े ट्रेड के तहत दिल्ली कैपिटल्स ने ऋषभ पंत को अपनी टीम में शामिल किया है, जबकि चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव अब लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेलेंगे। दोनों टीमों के बीच हुआ यह समझौता हाल के वर्षों के सबसे बड़े खिलाड़ी एक्सचेंज में गिना जा रहा है।
27 करोड़ से 15 करोड़ तक पहुंची पंत की सैलरी
आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में लखनऊ सुपर जायंट्स ने ऋषभ पंत को रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपये में खरीदा था, जो उस समय आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी बोली थी। लेकिन दिल्ली कैपिटल्स में वापसी के बाद उनकी नई सैलरी 15 करोड़ रुपये तय हुई है। इस तरह पंत को करीब 12 करोड़ रुपये की सैलरी में कटौती स्वीकार करनी पड़ी है। दूसरी ओर कुलदीप यादव अपनी मौजूदा 13.50 करोड़ रुपये की सैलरी पर ही लखनऊ सुपर जायंट्स से जुड़े हैं।
दिल्ली की कप्तानी भी संभाल चुके हैं ऋषभ पंत
28 वर्षीय ऋषभ पंत दिल्ली कैपिटल्स के लिए केवल स्टार बल्लेबाज ही नहीं रहे, बल्कि टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं। उन्होंने 2021 से 2024 के बीच 43 मैचों में दिल्ली की कमान संभाली थी। हालांकि लखनऊ के साथ उनका सफर उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और टीम के खराब प्रदर्शन के बाद उन्होंने कप्तानी भी छोड़ दी थी।
दोनों फ्रेंचाइजियों की रणनीति में बड़ा बदलाव
इस ट्रेड को दोनों टीमों की नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। दिल्ली कैपिटल्स अपने पुराने स्टार खिलाड़ी को वापस लाकर टीम को मजबूत करना चाहती है, जबकि लखनऊ सुपर जायंट्स ने अपनी गेंदबाजी को और धार देने के लिए कुलदीप यादव पर भरोसा जताया है। आईपीएल 2027 से पहले यह बदलाव दोनों टीमों के संतुलन और रणनीति पर बड़ा असर डाल सकता है।
