पटना। बिहार की राजनीति में एक बड़ा और अहम बदलाव देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी विधायक दल ने सम्राट चौधरी को अपना नेता चुन लिया है, जिसके बाद राज्य में नए मुख्यमंत्री के रूप में उनकी ताजपोशी लगभग तय मानी जा रही है। इस फैसले के बाद पटना से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
बीजेपी विधायक दल की बैठक में हुआ बड़ा फैसला
मंगलवार को आयोजित बीजेपी विधायक दल की बैठक में विजय सिन्हा ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा। बैठक में वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे। दिलीप जायसवाल और मंगल पांडेय ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया, जिसके बाद सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को नेता चुन लिया गया।
नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा, राजभवन पहुंचे कई नेता
इस राजनीतिक घटनाक्रम से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। वे सम्राट चौधरी और विजय चौधरी के साथ राजभवन पहुंचे। इसके बाद सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ी।
145 दिनों का छोटा कार्यकाल, राजनीतिक इतिहास में दर्ज हुआ नया अध्याय
नीतीश कुमार ने 20 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और 14 अप्रैल 2026 को इस्तीफा देकर उनका यह कार्यकाल लगभग 145 दिनों का रहा। इसे उनके अब तक के सबसे छोटे कार्यकालों में से एक माना जा रहा है।
राजनीतिक हलचल तेज, भविष्य की रणनीति पर मंथन जारी
सुबह से ही पटना में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। मुख्यमंत्री आवास पर वरिष्ठ नेताओं की लगातार बैठकें हुईं, जिसमें आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी और विजय चौधरी राजभवन के लिए एक साथ रवाना हुए।
नीतीश कुमार हुए भावुक, विकास कार्यों को बताया उपलब्धि
इस्तीफे से पहले हुई अंतिम कैबिनेट बैठक में नीतीश कुमार भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि 2005 से अब तक उन्होंने बिहार के विकास के लिए पूरी निष्ठा से काम किया है और आगे भी नई सरकार को उनका मार्गदर्शन मिलता रहेगा। मंत्रियों ने भी उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण दौर बताया।
