जबलपुर। मध्य प्रदेश में होमगार्ड प्लाटून कमांडर भर्ती को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पूरी चयन प्रक्रिया को निरस्त करते हुए नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
लिखित परीक्षा से पहले ही बाहर किए गए उम्मीदवार
मामले में सामने आया कि स्क्रीनिंग कमेटी ने लिखित परीक्षा से पहले ही कई अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया था। इस पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा, जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया।
याचिका के बाद खुला मामला
जबलपुर निवासी सविनय कुमार गर्ग ने इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों का पालन नहीं किया गया।
199 पदों के लिए चल रही थी भर्ती
होमगार्ड विभाग में प्लाटून कमांडर के कुल 199 पदों पर भर्ती होनी थी। इनमें से 6 प्रतिशत पद पहले से सेवा में कार्यरत कर्मियों के लिए आरक्षित थे।
भर्ती प्रक्रिया का पूरा टाइमलाइन
इस भर्ती के लिए 27 जनवरी 2026 को विज्ञापन जारी किया गया था।
16 मार्च को भोपाल में शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित हुई।
इसके अगले दिन 17 मार्च को लिखित परीक्षा कराई गई थी।
अब फिर से शुरू होगी पूरी प्रक्रिया
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब पूरी चयन प्रक्रिया नए सिरे से आयोजित की जाएगी। इससे पहले बाहर किए गए अभ्यर्थियों को भी निष्पक्ष अवसर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
पारदर्शिता पर जोर
कोर्ट के इस आदेश को भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि नई प्रक्रिया कितनी निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से पूरी की जाती है।
