रायगढ़। 14 अप्रैल। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने एक बड़े साइबर क्राइम सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। शहर के दरोगा पारा इलाके में लोक सेवा केंद्र की आड़ में चल रहे फर्जीवाड़े, ऑनलाइन ठगी और अवैध वसूली के नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
‘निधि परिवहन केंद्र’ की आड़ में फर्जी लाइसेंस का खेल
पुलिस जांच में सामने आया है कि ‘निधि परिवहन सुविधा केंद्र’ के नाम पर फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस तैयार किए जा रहे थे। वहीं ‘इंडिया मैट्रिमोनियल’ के जरिए लोगों को शादी का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी की जा रही थी। यह पूरा नेटवर्क एक हाईटेक कॉल सेंटर की तरह संचालित हो रहा था, जहां लोगों को टारगेट कर फंसाने का काम किया जाता था।
रेड में 18 युवतियां हिरासत में, टेलीकॉलिंग से चल रहा था ठगी का खेल
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 18 युवतियों को हिरासत में लिया है, जो टेलीकॉलर के रूप में काम कर रही थीं। ये युवतियां सोशल मीडिया और फर्जी प्रोफाइल के जरिए लोगों को प्रेम और शादी के जाल में फंसाकर ठगी को अंजाम देती थीं।
‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर डराकर वसूली, जांच में बड़ा खुलासा
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे डराने वाले तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों से मोटी रकम वसूलता था। पीड़ितों को डर और भ्रम में डालकर उनसे ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे।
मास्टरमाइंड गिरफ्तार, भारी मात्रा में सबूत बरामद
इस पूरे साइबर नेटवर्क के मास्टरमाइंड कपिल गर्ग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं हिमांशु मेहर से भी पूछताछ की जा रही है। छापेमारी के दौरान कई कंप्यूटर सिस्टम, फर्जी दस्तावेज और ठगी में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की तैयारी, जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई मयंक मिश्रा के नेतृत्व में की गई, जिसमें कई अहम सबूत मिले हैं। पुलिस अब उन सभी लोगों की सूची तैयार कर रही है, जिन्होंने इस सेंटर के जरिए फर्जी दस्तावेज बनवाए हैं। साथ ही पूरे साइबर गिरोह की गहराई से जांच जारी है ताकि इस नेटवर्क की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।
