डोंगरगढ़ : ब्लॉक के शिक्षा विभाग में एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी पर शिक्षकों से बड़े पैमाने पर अवैध वसूली करने के आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
सेवा पुस्तिका के नाम पर मांगे गए पैसे
मिली जानकारी के अनुसार, सेवा पुस्तिका संधारण के नाम पर प्रत्येक शिक्षक से 1700 रुपये की मांग की गई। आरोप है कि इस प्रक्रिया में करीब 1200 शिक्षकों को शामिल किया गया, जिससे कुल वसूली 20 लाख रुपये से अधिक पहुंच गई।
दबाव बनाकर वसूली का आरोप, विरोध करने वालों पर कार्रवाई की आशंका
सूत्रों के मुताबिक, शिक्षकों पर पद का दबाव बनाकर यह राशि वसूली गई। इतना ही नहीं, जिन्होंने इस मांग का विरोध किया, उनसे स्पष्टीकरण मांगे जाने की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि 20 जनवरी को आयोजित एक बैठक में इस संबंध में मौखिक निर्देश दिए गए थे, जहां कुछ शिक्षकों ने आपत्ति भी जताई थी।
अब तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं, स्थिति अस्पष्ट
हालांकि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक किसी शिक्षक ने आधिकारिक रूप से शिकायत दर्ज नहीं कराई है, जिसके चलते पूरे मामले की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
एबीईओ का जवाब: आरोपों से किया इंकार
आरोपों के बीच एबीईओ श्रीनिवास मिश्रा ने खुद को इस पूरे मामले से अनभिज्ञ बताया है। उनका कहना है कि यह मामला उनके सीधे नियंत्रण में नहीं आता और उनके अधीन कार्यरत कर्मचारियों द्वारा किसी भी तरह की अवैध मांग की जानकारी उन्हें नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई लिखित शिकायत मिलती है, तो उसे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।
बढ़ते सवाल: पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बहस छेड़ दी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला विभागीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।
